Yogi Cabinet Ke Faisle: 31 साल पुराने वित्तीय अधिकारों में संशोधन को मंजूरी, योगी सरकार ने अभियंताओं को दी बड़ी राहत

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Yogi Cabinet Ke Faisle: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास पर कैबिनेट की बैठक हुई।

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  • Publish Date - September 16, 2026 / 11:12 AM IST,
    Updated On - September 16, 2026 / 11:13 AM IST

Yogi Cabinet Ke Faisle/ Image Source : FILE

HIGHLIGHTS
  • सीएम योगी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री आवास पर कैबिनेट की बैठक हुई।
  • बैठक में योगी सरकार ने अभियंताओं को बड़ी राहत दी है।
  • कैबिनेट ने 31 साल पुराने वित्तीय अधिकारों में संशोधन को मंजूरी दी है।

Yogi Cabinet Ke Faisle: लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास पर हुई कैबिनेट की बैठक में उत्तर प्रदेश के अभियंत्रण विभागों में कार्यों के त्वरित एवं प्रभावी निष्पादन के लिए अभियंताओं के वित्तीय अधिकारों में वृद्धि किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस फैसले से निर्माण कार्यों को गति देने और छोटे-छोटे कार्यों के लिए उच्च स्तर से अनुमोदन लेने की प्रक्रिया को आसान बनाने में मदद मिलेगी।

31 साल पुराने प्रावधानों में होगा संशोधन

वित्तीय नियम संग्रह खंड-1 में अभियंत्रण विभागों के अभियंताओं को वित्तीय अधिकारों का प्रतिनिधायन किया गया है। इन अधिकारों में समय-समय पर शासनादेशों के माध्यम से संशोधन और वृद्धि होती रही है। वर्तमान में वित्त (लेखा) अनुभाग-2 के शासनादेश के अनुसार वित्तीय अधिकार निर्धारित हैं। यह व्यवस्था पिछले 31 वर्षों से अधिक समय से लागू है। (Yogi Cabinet Ke Faisle) निर्माण सामग्री, श्रम और सेवाओं की लागत में उल्लेखनीय वृद्धि के कारण मौजूदा वित्तीय अधिकारों के तहत कार्यों के निष्पादन में कठिनाइयां आ रही थीं। छोटे-छोटे निर्माण कार्यों के लिए भी उच्च स्तर से अनुमोदन लेना पड़ता था, जिससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में देरी होती थी।

लोक निर्माण से ग्रामीण अभियंत्रण तक मिलेगा लाभ

Yogi Cabinet Ke Faisle: प्रस्ताव के तहत लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, लघु सिंचाई विभाग, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग सहित अन्य अभियंत्रण विभागों के अभियंताओं को प्रदत्त वित्तीय अधिकारों के प्रतिनिधायन की सीमा में वृद्धि की जाएगी। इससे अभियंताओं को अपने स्तर पर निर्धारित वित्तीय सीमा के भीतर कार्यों को स्वीकृति देने और आगे बढ़ाने में अधिक सुविधा मिलेगी। निर्माण कार्यों के लिए बार-बार उच्च स्तर से अनुमोदन लेने की जरूरत कम होने से विकास परियोजनाओं की गति बढ़ाने में मदद मिलेगी।

लागत बढ़ने के बीच जरूरी था बदलाव

Yogi Cabinet Ke Faisle: निर्माण सामग्री, श्रम और सेवाओं की लागत में वृद्धि के कारण 1995 में निर्धारित वित्तीय अधिकारों के तहत कार्य कराना कठिन हो रहा था। ऐसे में वित्तीय अधिकारों में संशोधन की जरूरत महसूस की गई। सरकार के इस फैसले का उद्देश्य निर्माण कार्यों के निष्पादन में आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों को दूर करना और परियोजनाओं को समय पर पूरा कराने की दिशा में कदम बढ़ाना है। (Yogi Cabinet Ke Faisle)  इस फैसले से प्रदेश में सड़क, सिंचाई, ग्रामीण विकास और अन्य निर्माण परियोजनाओं के क्रियान्वयन को गति मिलने की उम्मीद है। वित्तीय अधिकारों के प्रतिनिधायन की सीमा बढ़ने से विभागीय स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी।

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