पाकिस्तान के बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 12 आतंकवादी मारे गए
पाकिस्तान के बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 12 आतंकवादी मारे गए
कराची, एक सितंबर (भाषा) पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में तांबा और सोने की खदान परियोजना स्थल से लौट रहे वाहनों के काफिले पर हमला करने वाले 12 आतंकवादी सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
बलूचिस्तान सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि यह घटना सोमवार को उस समय हुई जब करीब 36 खाली वाहनों का काफिला चगाई में रेको डिक तांबा एवं सोना खदान परियोजना स्थल पर श्रमिकों को छोड़ने के बाद क्वेटा लौट रहा था।
उन्होंने बताया कि हमलावरों ने काफिले पर घात लगाकर हमला किया और वाहनों पर भारी गोलीबारी की।
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘काफिले के साथ मौजूद सुरक्षा बलों ने समय रहते कार्रवाई की जिसके बाद दोनों ओर से भारी गोलीबारी हुई और 12 हमलावर मारे गए।’’
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, काफिले के साथ चल रहे सुरक्षाकर्मियों ने मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई की तथा इसके बाद दोनों ओर से करीब दो घंटे तक गोलीबारी होती रही।
उन्होंने बताया कि मुठभेड़ में दो सुरक्षाकर्मी घायल हो गए और मारे गए हमलावरों के पास से हथियार एवं गोला-बारूद बरामद किए गए।
बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री मीर सरफराज बुगती ने भी सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर 12 आतंकवादियों के मारे जाने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि पूरे प्रांत में आतंकवादियों के खिलाफ खुफिया जानकारी के आधार पर लक्षित अभियान ‘‘सफलतापूर्वक और लगातार’’ जारी हैं।
इस बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं मिली कि हमले के समय काफिले में रेको डिक खदान से कोई खनिज ले जाया जा रहा था या नहीं।
अफगानिस्तान और ईरान से लगी पाकिस्तान की सीमाओं के पास चगाई जिले में स्थित रेको डिक परियोजना देश की सबसे बड़ी खनन परियोजनाओं में से एक है और इसे एक प्रमुख तांबा एवं सोना खदान के रूप में विकसित किया जा रहा है।
पाकिस्तान का सबसे बड़ा और प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध प्रांत बलूचिस्तान दशकों से बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) समेत विभिन्न उग्रवादी संगठनों के विद्रोह से जूझ रहा है। बीएलए खनिज संपदा से भरपूर इस प्रांत के लिए आजादी की मांग करता है।
बीएलए ने सुरक्षा बलों, सरकारी प्रतिष्ठानों और चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) से जुड़ी परियोजनाओं को निशाना बनाकर हाल के वर्षों में हमले तेज कर दिए हैं।
भाषा सिम्मी मनीषा
मनीषा

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