आतंकवाद के पूरे तंत्र को खत्म करने के लिए एससीओ को एकजुट होकर काम करना होगा : प्रधानमंत्री मोदी

आतंकवाद के पूरे तंत्र को खत्म करने के लिए एससीओ को एकजुट होकर काम करना होगा : प्रधानमंत्री मोदी

आतंकवाद के पूरे तंत्र को खत्म करने के लिए एससीओ को एकजुट होकर काम करना होगा : प्रधानमंत्री मोदी
Modified Date: September 1, 2026 / 12:43 pm IST
Published Date: September 1, 2026 12:43 pm IST

बिश्केक, एक सितंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) को आतंकवाद के पूरे तंत्र को खत्म करने और उसे मिलने वाली वित्तीय मदद रोकने के लिए एकजुट होकर काम करना होगा तथा आतंकवाद से निपटने में दोहरे मानदंडों के लिए कोई जगह नहीं हो सकती।

प्रधानमंत्री ने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में एससीओ के वार्षिक शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि युद्ध के मैदान में किसी समस्या का समाधान नहीं निकल सकता तथा दुनिया के सभी युद्ध एवं संघर्ष का हल संवाद एवं कूटनीति के जरिये निकाला जाना चाहिए।

मोदी ने इस बात पर भी जोर दिया कि संपर्क बढ़ाने वाली परियोजनाओं में सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए। उनकी इस टिप्पणी को चीन के ‘बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव’ की ओर परोक्ष संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

आतंकवाद से निपटने की जरूरत पर प्रधानमंत्री की टिप्पणी ऐसे समय में विशेष महत्व रखती है जब भारत सीमा पार आतंकवादी गतिविधियों को लेकर पाकिस्तान को अलग-थलग करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।

मोदी ने कहा, ‘‘हमें आतंकवाद के पूरे तंत्र को खत्म करने के साथ-साथ उसे मिलने वाली वित्तीय मदद को भी रोकना होगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमें एक स्वर में कहना होगा कि आतंकवाद से निपटने में दोहरे मानदंडों के लिए कोई जगह नहीं हो सकती।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि युद्ध एवं संघर्षों का समाधान युद्ध के मैदान में नहीं निकल सकता और इन्हें संवाद एवं कूटनीति के जरिये सुलझाया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारत बाजारों को जोड़ने, व्यापार को सुगम बनाने और विकास के नए रास्ते खोलने वाले सभी प्रयासों का समर्थन करता है।

मोदी ने साथ ही कहा कि संपर्क बढ़ाने के प्रयासों में सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत के लिए एससीओ महान सभ्यताओं, संस्कृतियों और विचारों का संगम है।’’

मोदी ने कहा कि एससीओ को लेकर भारत की सोच के तीन मुख्य स्तंभ – सुरक्षा, संपर्क और अवसर हैं।

भाषा

सिम्मी वैभव

वैभव


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