गाजा में इजराइली सेना पर अब तक के सबसे घातक हमले में 21 सैनिकों की मौत : इजराइली सेना

गाजा में इजराइली सेना पर अब तक के सबसे घातक हमले में 21 सैनिकों की मौत : इजराइली सेना

गाजा में इजराइली सेना पर अब तक के सबसे घातक हमले में 21 सैनिकों की मौत : इजराइली सेना
Modified Date: January 23, 2024 / 04:00 pm IST
Published Date: January 23, 2024 4:00 pm IST

यरुशलम, 23 जनवरी (एपी) इजराइली सेना ने मंगलवार को कहा कि सात अक्टूबर को हमास के हमले के बाद गाजा पट्टी में छिड़ी जंग के बाद अब तक के सर्वाधिक घातक हमले में उसके 21 सैनिकों की मौत हो गयी है। यह युद्ध शुरू होने के बाद से सेना को पहुंची एक बड़ी क्षति है जिससे संघर्ष विराम की मांग बढ़ सकती है।

इसके घंटों बाद, सेना की ओर से घोषणा की गई कि उसके सैनिकों ने गाजा के दूसरे सबसे बड़े दक्षिणी शहर खान यूनिस को घेर लिया है। खान यूनिस में हाल के दिनों में भारी लड़ाई में दर्जनों फलस्तीनी हताहत हुए हैं।

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सैनिकों की मौत पर शोक व्यक्त किया, लेकिन हमास पर ‘पूरी तरह जीत हासिल करने तक’ तक आक्रामक कार्रवाई जारी रखने की कसम खाई।

उन्होंने गाजा में बंधक बनाए गए 100 से अधिक बंधकों को वापस लाने का भी वादा किया है। लेकिन इजराइली इस सवाल पर बंटे हुए हैं कि क्या ऐसा करना संभव है और बड़ी संख्या में इजराइली लोगों के हताहत होने से इजराइली सरकार पर पिछले सैन्य अभियानों को रोकने का दबाव है।

मिस्र के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बीच कहा है कि इजराइल ने दो महीने के संघर्ष विराम का प्रस्ताव दिया है जिस दौरान इजराइल द्वारा कैद किये गये हमास के शीर्ष नेताओं और फलस्तीनी बंदियों को रिहा करने के बदले बंधकों को मुक्त कराया जाएगा और उन्हें अन्य देशों में रहने की अनुमति दी जाएगी।

एक अधिकारी ने नाम का खुलासा नहीं करने की शर्त पर कहा कि हमास ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है और जोर दे रहा है कि जब तक इजराइल हमले बंद नहीं कर देता और सैनिकों को गाजा से वापस नहीं ले लेता तब तक और बंधकों को मुक्त नहीं किया जाएगा।

इजराइल की सरकार ने इन वार्ताओं पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।

सेना के मंगलवार को बताया कि सैनिक मध्य गाजा में सोमवार को दो मकानों को ध्वस्त करने के लिए विस्फोटक लगाने की तैयारी कर रहे थे तभी एक आतंकवादी ने रॉकेट चालित ग्रेनेड दागा। इससे विस्फोटक फट गए और इमारतें धराशायी हो गईं जिसकी वजह से मलबे में दबकर सैनिकों की मौत हो गई।

सेना के अनुसार, अक्टूबर के अंत में जमीनी हमले शुरू होने के बाद से कम से कम 217 सैनिक मारे गए हैं, जिनमें सोमवार को एक अलग घटना में मारे गए तीन सैनिक भी शामिल हैं।

नेतन्याहू ने स्वीकार किया कि युद्ध शुरू होने के बाद से यह ‘सबसे कठिन दिनों में से एक’ था और कहा कि सेना जांच शुरू करेगी। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा कि अपने नायकों के नाम पर और अपने जीवन के लिए, पूर्ण जीत तक लड़ना जारी रखेंगे।

पिछले साल सात अक्टूबर को हमास के हमले के बाद इज़राइल ने अपनी कार्रवाई शुरू की जिसमें 1,200 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और लगभग 250 अन्य लोगों का अपहरण कर लिया गया। गत नवंबर में एक सप्ताह के संघर्ष विराम और इजराइल द्वारा कैद किए गए 240 फलस्तीनियों की रिहाई के बदले में 100 से अधिक लोगों को रिहा किया गया था।

हमास द्वारा संचालित क्षेत्र के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, हमले ने व्यापक विनाश किया है और अनुमानित तौर पर गाजा की 85 प्रतिशत आबादी विस्थापित हो गई है, जबकि 25,000 से अधिक फलस्तीनियों की मौत हो गई है।

संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय सहायता एजेंसियों का कहना है कि लड़ाई के कारण मानवीय संकट उत्पन्न हुआ है और गाजा के 23 लाख लोगों में से एक चौथाई को भुखमरी का सामना करना पड़ रहा है।

युद्ध के कारण क्षेत्रीय तनाव भी बढ़ गया है। लेबनान, सीरिया, इराक और यमन में ईरान समर्थित समूहों ने फलस्तीनियों के समर्थन में संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायली ठिकानों पर हमला किया।

अमेरिका और ब्रिटेन ने यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ सोमवार को फिर हमले शुरू किये। हूती विद्रोहियों ने हाल के दिनों में लाल सागर में पोतों की आवाजाही को निशाना बनाया है।

एपी संतोष नरेश

नरेश


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