बांग्लादेश की अदालत हसीना के खिलाफ देशद्रोह मामले में आरोप तय करने पर 17 जून को सुनवाई करेगी

बांग्लादेश की अदालत हसीना के खिलाफ देशद्रोह मामले में आरोप तय करने पर 17 जून को सुनवाई करेगी

बांग्लादेश की अदालत हसीना के खिलाफ देशद्रोह मामले में आरोप तय करने पर 17 जून को सुनवाई करेगी
Modified Date: April 16, 2026 / 09:20 pm IST
Published Date: April 16, 2026 9:20 pm IST

ढाका, 16 अप्रैल (भाषा) बांग्लादेश की एक अदालत अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना और 285 अन्य के खिलाफ देशद्रोह के मामले में आरोप तय करने पर शुक्रवार को दलीलें सुनेगी।

सरकारी बीएसएस समाचार एजेंसी के अनुसार, ढाका के तीसरे अतिरिक्त महानगर सत्र न्यायाधीश मोइन उद्दीन चौधरी ने बचाव पक्ष की और समय दिए जाने की मांग वाली याचिका को स्वीकार करते हुए 17 जून की तारीख तय की।

मामला इस आरोप से संबंधित है कि आरोपी देश विरोधी गतिविधियों में शामिल थे और उन्होंने 19 दिसंबर, 2024 को ऑनलाइन की गई ‘जॉय बांग्ला ब्रिगेड’ बैठक में भाग लेकर मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली तत्कालीन अंतरिम सरकार को उखाड़ फेंकने की साजिश रची थी।

बैठक में दुनिया भर से 577 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिसमें कथित तौर पर विद्रोह भड़काने और हसीना को प्रधानमंत्री के रूप में बहाल करने की प्रतिज्ञा शामिल थी।

जॉय बंगला ब्रिगेड, हसीना की अवामी लीग पार्टी और उनके पिता शेख मुजीबुर रहमान की विरासत की मजबूत समर्थक है।

हसीना समेत 286 आरोपियों में से 259 अब तक अदालत में पेश नहीं हुए हैं और उनकी अनुपस्थिति में ही उनके खिलाफ मुकदमा चलाया जा रहा है।

अदालत ने इससे पहले, पिछले वर्ष अक्टूबर में सार्वजनिक नोटिस जारी कर आरोपियों को पेश होने को कहा था।

मामले में जिन लोगों के नाम शामिल हैं, उनमें पूर्व सांसद सबीना अख्तर तुहिन, पंकज नाथ और सैयदा रुबीना अख्तर, यूएस अवामी लीग के उपाध्यक्ष डॉ. रब्बी आलम, जॉय बंगला ब्रिगेड के सदस्य कबीरुल इस्लाम, बांग्लादेश छात्र लीग के अध्यक्ष सद्दाम हुसैन के अलावा कई वकील और शिक्षाविद शामिल हैं।

यह मामला पिछले वर्ष मार्च में सीआईडी के सहायक पुलिस अधीक्षक एमडी एनामुल हक ने गृह मंत्रालय की मंजूरी के बाद दर्ज किया था। अगस्त में 286 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया, जिसके बाद अदालत ने सभी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए।

देशभर में छात्रों के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के पश्चात पांच अगस्त, 2024 को देश छोड़ देने के बाद से हसीना भारत में रह रही हैं। यूनुस ने उसी वर्ष 8 अगस्त को अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाला था।

वर्ष 2024 में छात्रों के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों पर उनकी सरकार की क्रूर कार्रवाई पर ‘मानवता के खिलाफ अपराध’ के लिए एक विशेष न्यायाधिकरण द्वारा पिछले साल नवंबर में हसीना को उसकी अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई गई थी।

भाषा

राखी नेत्रपाल

नेत्रपाल


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