America Iran Conflict: ईरान के समुद्री इलाकों में अमेरिका की किलेबंदी! तेजी से आगे बढ़ रहा ये खतरनाक युद्धपोत, मिनटों में खत्म हो सकती है पूरी सेना

ईरान के समुद्री इलाकों में अमेरिका की किलेबंदी! America Iran Conflict USS Abraham Lincoln warship deployed

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  • Publish Date - January 15, 2026 / 08:51 PM IST,
    Updated On - January 15, 2026 / 09:01 PM IST

America Iran Conflict. Image Source- IBC24

HIGHLIGHTS
  • अमेरिका ने ईरान की ओर कैरियर स्ट्राइक ग्रुप-3 भेजा
  • USS अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट कैरियर समेत मिसाइल और फाइटर जेट्स शामिल
  • अमेरिका ने चेतावनी दी, सैन्य विकल्प तैयार रखने का संकेत

नई दिल्लीः America Iran Conflict: ईरान में बढ़ते तनाव और देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बीच अमेरिका ने अपने जंगी जहाजों का एक स्ट्राइक ग्रुप मध्य-पूर्व की ओर भेजने का निर्णय लिया है। अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) के अनुसार यह कैरियर स्ट्राइक ग्रुप-3 अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रभाव वाले क्षेत्र में तैनात किया जाएगा, जिसमें मध्य-पूर्व भी शामिल है। अमेरिकी मीडिया के सूत्रों ने बताया कि स्ट्राइक ग्रुप को क्षेत्र तक पहुंचने में लगभग एक सप्ताह का समय लगेगा।

इस स्ट्राइक ग्रुप में दुनिया के सबसे बड़े युद्धपोतों में से एक USS अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट कैरियर (CVN72) शामिल है। यह न्यूक्लियर पावर्ड सुपरकैरियर अमेरिकी नौसेना की ताकत का प्रमुख प्रतीक माना जाता है। इसके अलावा ग्रुप में फाइटर जेट्स, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, एंटी सबमरीन वॉरफेयर और गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर्स शामिल हैं। ग्रुप की ताकत इतनी है कि यह अकेले बड़े पैमाने पर हमला करने में सक्षम है।

ट्रंप ने ईरान को दी है चेतावनी

America Iran Conflict अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर प्रदर्शनकारियों पर हिंसा की गई तो अमेरिका दखल देगा। पेंटागन ने फिलहाल स्ट्राइक ग्रुप को साउथ चाइना सी पर तैनात किया था, लेकिन अब इसे मध्य-पूर्व की ओर भेजा जा रहा है। विश्लेषकों के अनुसार इस कदम से क्षेत्र में बढ़ते तनाव और संभावित सैन्य कार्रवाई के संकेत मिले हैं।

ईरान में छात्रों समेत करीब 10 हजार भारतीय

बता दें कि ईरान में पढ़ रहे जम्मू-कश्मीर के छात्रों के अभिभावकों ने केंद्र सरकार से बच्चों को वापस लाए जाने की अपील की है। अनुमान है कि छात्रों सहित करीब 10 हजार भारतीय इस समय ईरान में रह रहे हैं। उधर, ईरान में भारतीय दूतावास ने एक नई एडवाइजरी जारी कर छात्रों, व्यापारियों और पर्यटकों समेत वहां मौजूद नागरिकों से वहां से निकलने के लिए कहा है

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अमेरिका ने कौन सा स्ट्राइक ग्रुप ईरान की ओर भेजा है?

अमेरिकी कैरियर स्ट्राइक ग्रुप-3 को मध्य-पूर्व की ओर भेजा गया है।

इस स्ट्राइक ग्रुप में कौन-कौन से जहाज और सिस्टम शामिल हैं?

ग्रुप में USS अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट कैरियर, फाइटर जेट्स, गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर्स, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और एंटी सबमरीन सिस्टम शामिल हैं।

इसे भेजने का मकसद क्या है?

ईरान में बढ़ते तनाव और प्रदर्शनकारियों पर हिंसा की आशंका के बीच अमेरिका ने मिलिट्री एक्शन के लिए तैयार रहने का संकेत दिया है।

स्ट्राइक ग्रुप को क्षेत्र तक पहुंचने में कितना समय लगेगा?

अमेरिकी मीडिया के अनुसार स्ट्राइक ग्रुप को मध्य-पूर्व तक पहुंचने में लगभग एक सप्ताह का समय लगेगा।

यह कदम क्षेत्र पर क्या असर डाल सकता है?

विश्लेषकों के अनुसार इससे मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ सकता है और सैन्य कार्रवाई की संभावना के संकेत मिलते हैं।