पेशावर में अभिनेता दिलीप कुमार और राज कपूर के पैतृक घर ढह सकते हैं : विरासत प्रेमियों ने चेताया

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पेशावर में अभिनेता दिलीप कुमार और राज कपूर के पैतृक घर ढह सकते हैं : विरासत प्रेमियों ने चेताया

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  • Publish Date - May 17, 2026 / 03:35 PM IST,
    Updated On - May 17, 2026 / 03:35 PM IST

पेशावर, 17 मई (भाषा) पाकिस्तान के पेशावर में विरासत प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने रविवार को कहा कि बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेताओं, दिलीप कुमार और राज कपूर के स्थानीय पैतृक घर कभी भी ढह सकते हैं।

हाल ही में पाकिस्तान में आए भूकंप के कारण क्षतिग्रस्त ये इमारतें असुरक्षित हो गई हैं।

उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की राजधानी में स्थित दोनों दिवंगत अभिनेताओं के पैतृक घरों को पाकिस्तान सरकार द्वारा 2016 में राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया गया था।

बरसात का मौसम शुरू होने में कुछ ही सप्ताह शेष हैं, ऐसे में विशेषज्ञों ने सरकार का ध्यान इमारतों की खस्ता हालत की ओर आकर्षित किया है और इन ऐतिहासिक इमारतों के तत्काल संरक्षण की मांग की है।

कभी शानदार रही किस्सा ख्वानी बाजार के ढाकी नलबंदी इलाके में स्थित सौ साल पुरानी कपूर हवेली लगातार बारिश के कारण कमजोर हो गई थी, जबकि तीन अप्रैल को आए भूकंप ने इसकी पहले से ही जर्जर संरचना को और अधिक खस्ताहाल कर दिया।

मोहल्ला खुदादाद क्षेत्र में स्थित दिलीप कुमार का पैतृक घर, जो कभी जीवन और उत्सवों से गुलजार रहता था, अब एक वीरान खंडहर जैसा दिखता है। यह एक विशिष्ट पेशावरी इमारत है। इमारत की हालत बेहद खराब है, कई कमरों की छतें गिर चुकी हैं, जबकि हर बारिश के साथ दीवारें ढहकर मलबे में तब्दील होती जा रही हैं।

खैबर पख्तूनख्वा स्थित गैर-लाभकारी सांस्कृतिक विरासत परिषद के सचिव शकील वहीदुल्लाह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि सरकार ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण के बजाय उन संरचनाओं पर कोई ध्यान नहीं दे रही है जो तेजी से जीर्ण-शीर्ण हो रही हैं।

प्रांतीय सरकार के एक अधिकारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर कहा, ‘‘सरकार धन और अन्य संसाधनों की कमी के कारण संरक्षण कार्य नहीं कर पा रही है। सरकार दोनों ऐतिहासिक इमारतों को राज कपूर और दिलीप कुमार के नाम पर संग्रहालय के रूप में बदलने के लिए गंभीर है।’’

निवासियों और विरासत प्रेमियों ने कहा कि अब इन इमारतों को केवल आधिकारिक बयानों की नहीं, बल्कि तत्काल जीर्णोद्धार कार्यों की आवश्यकता है।

राज कपूर की हवेली के बगल में दुकान चलाने वाले आबिद हुसैन ने इमारत की जर्जर हालत पर चिंता व्यक्त की।

हुसैन ने कहा, ‘‘हाल के महीनों में भारी बारिश और तेज भूकंप के झटकों ने इमारत को बुरी तरह कमजोर कर दिया है, जिससे इसकी दीवारों में दरारें पड़ गई हैं, जो किसी भी क्षण एक बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती हैं।’’

भाषा

शफीक सुरेश

सुरेश