होर्मुज जलडमरूमध्य में दो जहाजों पर हमला, वार्ता फिर शुरू करने के राजनयिक प्रयासों में बाधा

होर्मुज जलडमरूमध्य में दो जहाजों पर हमला, वार्ता फिर शुरू करने के राजनयिक प्रयासों में बाधा

होर्मुज जलडमरूमध्य में दो जहाजों पर हमला, वार्ता फिर शुरू करने के राजनयिक प्रयासों में बाधा
Modified Date: April 22, 2026 / 03:42 pm IST
Published Date: April 22, 2026 3:42 pm IST

दुबई, 22 अप्रैल (एपी) होर्मुज जलडमरूमध्य में बुधवार को दो जहाजों पर हमला हुआ। ब्रिटेन की सेना ने बुधवार को यह जानकारी दी।

इस हमले से युद्ध समाप्त कराने के लिए अमेरिका और ईरान को पाकिस्तान में वार्ता के लिए एक साथ लाने के प्रयासों में बाधा उत्पन्न हुई है।

बुधवार सुबह, ईरान के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने एक मालवाहक जहाज पर हमला किया, जिससे जहाज क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन कोई घायल नहीं हुआ।

ब्रिटेन की सेना के ‘यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर’ ने दूसरे जहाज पर गोली चलाने वाले की पहचान नहीं की है, लेकिन ईरान पर संदेह जताया जा रहा है।

दूसरे मामले में, एक मालवाहक जहाज ने बताया कि उस पर गोलीबारी की गई और उसे वहां रोक गया। उसने कहा कि जहाज को कोई नुकसान नहीं हुआ है।

ये दोनों हमले उस समय हुए हैं जब हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका द्वारा की गई कार्रवाई के बाद तनाव बढ़ गया था।

पिछले सप्ताह अमेरिका ने एक ईरानी कंटेनर जहाज़ को गोलीबारी के बाद जब्त कर लिया था और हिंद महासागर में ईरान के तेल व्यापार से जुड़े एक तेल टैंकर को अपने नियंत्रण में ले लिया था।

इससे पहले मंगलवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मध्यस्थ देश पाकिस्तान के अनुरोध पर ईरान के साथ युद्धविराम को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया।

ट्रंप ने कहा कि यह कदम तेहरान के आंतरिक मतभेदों से जूझ रहे नेतृत्व को सात सप्ताह से जारी युद्ध समाप्त करने के लिए एक प्रस्ताव तैयार करने का समय देने के उद्देश्य से उठाया गया है।

यह घोषणा तब की गई है, जब आठ अप्रैल को घोषित दो सप्ताह का युद्धविराम कुछ ही घंटों में समाप्त होने वाला था।

वहीं ईरान ने ट्रंप द्वारा युद्धविराम के विस्तार पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने युद्धविराम के विस्तार पर सहमति जताने के लिए ट्रंप को धन्यवाद दिया।

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रखेगा, जिसे ईरान ने ‘अस्वीकार्य’ बताया है और संकेत दिया है कि यही कारण है कि वह अभी तक इस्लामाबाद में वार्ता में शामिल होने के लिए सहमत नहीं हुआ है।

‘यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स’ (यूकेएमटीओ) सेंटर ने बताया कि यह हमला सुबह सात बजकर करीब 55 मिनट पर जलडमरूमध्य में हुआ और इसमें एक कंटेनर जहाज को निशाना बनाया गया। यूकेएमटीओ ने कहा कि गार्ड गनबोट ने गोलीबारी करने से पहले जहाज को कोई संकेत नहीं दिया था।

उसने कहा कि हमले में कोई घायल नहीं हुआ और पर्यावरण पर भी कोई प्रभाव नहीं पड़ा।

हालांकि, ईरान के ‘नूर न्यूज़’ ने बताया कि गार्ड ने जहाज पर तभी गोलीबारी की जब उसने ‘ईरानी सशस्त्र बलों की चेतावनियों को नजरअंदाज किया।’’

एपी शोभना अविनाश

अविनाश


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