बांग्लादेश : आठ साल की बच्ची के बलात्कार-हत्या मामले में दंपति को मौत की सजा
बांग्लादेश : आठ साल की बच्ची के बलात्कार-हत्या मामले में दंपति को मौत की सजा
ढाका, सात जून (भाषा) बांग्लादेश की एक अदालत ने आठ साल की बच्ची के बलात्कार और हत्या के मामले में एक दंपति को रविवार को मौत की सजा सुनाई। अदालत ने सिर्फ पांच दिन की सुनवाई के बाद अपना फैसला सुनाया, जिसके मद्देनजर अभियोजकों ने इसे देश में हत्या के किसी मुकदमे का सबसे तेजी से निपटारा करार दिया।
ढाका मेट्रोपॉलिटन बाल उत्पीड़न रोकथाम न्यायाधिकरण ने घटना के 19 दिन बाद दोषियों की सजा का एलान किया। इस मामले ने देशभर में आक्रोश पैदा किया और महिलाओं एवं बच्चों के खिलाफ हिंसा को लेकर चिंताएं फिर बढ़ा दीं।
न्यायमूर्ति मसरूर सालेकिन ने सोहेल राणा और उसकी पत्नी स्वप्ना खातून को मौत की सजा सुनाई तथा उन पर क्रमशः पांच लाख टका और दो लाख टका का जुर्माना भी लगाया। उन्होंने जुर्माने की राशि पीड़ित परिवार को देने का आदेश दिया।
न्यायमूर्ति सालेकिन ने कहा, “उन्हें (दोषियों को) फांसी की सजा सुनाई जाती है।”
उन्होंने कहा कि अगर दोषी जुर्माना अदा नहीं करते हैं, तो उनकी चल और अचल संपत्तियों को जब्त कर नीलाम किया जा सकता है, ताकि राशि की वसूली की जा सके।
अभियोजकों के मुताबिक, अदालत में आरोपपत्र दाखिल किए जाने के बाद पांच दिन के भीतर सुनवाई पूरी कर फैसला सुना दिया गया, जिससे यह बांग्लादेश के इतिहास में सबसे तेजी से निपटाया जाने वाला हत्या का मामला बन गया।
कोई भी निजी वकील दंपति की पैरवी करने को तैयार नहीं हुआ, जिसके कारण अदालत ने उनके प्रतिनिधित्व के लिए एक सरकारी वकील नियुक्त किया। सरकारी वकील ने राणा को मृत्युदंड के बजाय उम्रकैद और खातून को ज्यादा कठोर सजा नहीं दिए जाने का आग्रह किया।
लड़की के पिता ने कहा कि वह फैसले से संतुष्ट हैं और उम्मीद करते हैं कि इसे जल्द से जल्द लागू किया जाएगा।
बांग्लादेशी कानून के तहत, निचली अदालतों की ओर से दी गई मौत की सजा को अमल में लाने से पहले उच्च न्यायालय की ओर से फैसले की समीक्षा और पुष्टि किया जाना जरूरी है।
अटॉर्नी जनरल रूहूल कुद्दुस काजल ने कहा कि निचली अदालत के रिकॉर्ड मिलते ही उनका कार्यालय त्वरित सुनवाई का अनुरोध करेगा।
पुलिस ने 19 मई को ढाका के पल्लबी इलाके में दंपति के अपार्टमेंट से लड़की का क्षत-विक्षत शव बरामद किया था। जांचकर्ताओं ने बताया कि लड़की की हत्या उसी दिन की गई थी, जिसके बाद राणा ने शव के कई टुकड़े कर दिए और फरार हो गया।
खातून को अपार्टमेंट से गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि राणा को उसी दिन बाद में नारायणगंज के बाहरी इलाके फतुल्लाह में हिरासत में लिया गया। पुलिस ने बताया कि राणा ने बाद में अदालत के सामने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
भाषा पारुल प्रशांत
प्रशांत

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