बांग्लादेश के प्रभावशाली पूर्व सैन्य जनरल गिरफ्तार
बांग्लादेश के प्रभावशाली पूर्व सैन्य जनरल गिरफ्तार
ढाका, 24 मार्च (भाषा) बांग्लादेश में एक प्रभावशाली पूर्व सैन्य जनरल को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिसने 2007 में कार्यवाहक सरकार के स्थान पर सेना समर्थित अंतरिम सरकार के सत्तारूढ़ होने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी। यह जानकारी पुलिस ने मंगलवार को दी।
कार्यवाहक सरकार के बारे में माना जाता था कि वह बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की ओर झुकी हुई थी, जिसका नेतृत्व अब प्रधानमंत्री तारिक रहमान कर रहे हैं।
पुलिस ने बताया कि उसके कर्मियों ने सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल मसूद उद्दीन चौधरी को गिरफ्तार किया, जो 2007 में सरकार बदलने और एक अंतरिम सरकार स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले प्रमुख व्यक्तियों में से एक थे। अंतरिम सरकार ने 2008 के चुनाव तक अगले दो वर्षों तक देश का संचालन किया।
जांच शाखा के प्रमुख शफीकुल इस्लाम ने पत्रकारों को बताया, “जांच शाखा ने कल रात चौधरी को उनके ढाका स्थित बारीधारा आवास से गिरफ्तार किया। उन्हें उनके खिलाफ दर्ज पांच मामलों के संबंध में गिरफ्तार किया गया है।”
उन्होंने हालांकि, चौधरी के खिलाफ लगे आरोपों के बारे में कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया, जिन्होंने बाद में ऑस्ट्रेलिया में बांग्लादेश के राजदूत के रूप में कार्य किया और बाद में जातीय पार्टी से संसद सदस्य बने।
जातीय पार्टी पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की अब भंग हो चुकी अवामी लीग की चुनावी सहयोगी थी, जिसने दिसंबर 2008 के चुनाव में दो-तिहाई बहुमत से जीत हासिल की थी।
तत्कालीन अंतरिम सरकार के लगभग दो साल के शासनकाल के दौरान, रहमान को भी गिरफ्तार किया गया था, कथित तौर पर हिरासत में यातना दी गई थी और उन पर कई आपराधिक और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे।
चौधरी उस समय गंभीर अपराधों पर राष्ट्रीय समन्वय समिति के समन्वयक थे, जिसके तहत भ्रष्टाचार रोधी अभियान चलाए गए थे। रहमान को अंततः ब्रिटेन निर्वासित कर दिया गया, जहां उन्होंने 17 वर्ष बिताए और पिछले वर्ष दिसंबर में अपनी मां जिया के लंबे समय से बीमार रहने के बाद निधन से पांच दिन पहले स्वदेश लौटे।
जिया के निधन के बाद बीएनपी ने उन्हें पार्टी का नेतृत्व सौंपा और पार्टी 12 फरवरी के चुनाव में उनके नेतृत्व में संसद की दो-तिहाई सीटें जीतकर सत्ता में आई।
मोहम्मद यूनुस की पूर्ववर्ती अंतरिम सरकार के दौरान, पिछले साल जुलाई में एक अदालत ने चौधरी की चल संपत्ति को जब्त करने का आदेश दिया था।
भाषा अमित नरेश
नरेश

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