महाराजा चार्ल्स तृतीय की ओर से ट्रंप को दिए गए उपहारों में ‘घंटी’ रही आकर्षण का केंद्र

महाराजा चार्ल्स तृतीय की ओर से ट्रंप को दिए गए उपहारों में ‘घंटी’ रही आकर्षण का केंद्र

महाराजा चार्ल्स तृतीय की ओर से ट्रंप को दिए गए उपहारों में ‘घंटी’ रही आकर्षण का केंद्र
Modified Date: April 29, 2026 / 04:48 pm IST
Published Date: April 29, 2026 4:48 pm IST

लंदन, 29 अप्रैल (भाषा) द्वितीय विश्वयुद्ध के समय की ब्रिटेन में बनी पनडुब्बी ‘एचएमएस ट्रंप’ से संबंधित मूल घंटी इस सप्ताह राजकीय यात्रा के दौरान महाराजा चार्ल्स तृतीय द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भेंट किए गए उपहारों का मुख्य आकर्षण रही।

मंगलवार को व्हाइट हाउस में आयोजित राजकीय रात्रिभोज में 77 वर्षीय महाराजा ने ‘‘निजी उपहार’’ के रूप में यह घंटी भेंट की और इस दौरान मजाकिया अंदाज में बात की।

ट्रंप उपहार से स्पष्ट रूप से प्रभावित दिखे और उन्होंने कार्यक्रम में चार्ल्स की ‘‘शानदार’’ कहकर प्रशंसा की।

चार्ल्स ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘आज, नाटो (उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन) और एयूक्यूस (ऑस्ट्रेलिया-ब्रिटेन-अमेरिका गठबंधन) में हमारी साझेदारी हमारे प्रौद्योगिकी और सैन्य सहयोग को गहरा करती है तथा यह सुनिश्चित करती है कि हम मिलकर तेजी से जटिल और प्रतिस्पर्धी दुनिया की चुनौतियों का सामना कर सकें।’’

उन्होंने संबंधित घंटी का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘…तो आज रात, राष्ट्रपति महोदय, मुझे आपको व्यक्तिगत उपहार के रूप में वह मूल घंटी भेंट करते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है जो आपके साहसी नामधारी (एचएमएस ट्रंप) के युद्धक टॉवर पर लगी थी। यह हमारे राष्ट्रों के साझा इतिहास और उज्ज्वल भविष्य की गवाही देती रहे। और यदि कभी आपको हमसे संपर्क करने की आवश्यकता हो, तो बस घंटी बजा दीजिएगा।’’

इस दौरान हंसी के ठहाके गूंजने लगे।

सार्वजनिक रूप से उपहार देने की यह घटना इससे पूर्व बंद कमरे में हुए आदान-प्रदान के बाद हुई, जब बकिंघम पैलेस ने कहा कि ब्रिटेन के महाराजा ने अमेरिकी राष्ट्रपति को व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में स्थित प्रतिष्ठित डेस्क के 1879 के ‘डिजाइन प्लान’ की एक फ्रेम की हुई प्रतिकृति भेंट की – जिसकी मूल प्रतियां लंदन के ग्रीनविच में स्थित राष्ट्रीय समुद्री संग्रहालय में रखी हैं।

लंदन में जारी किए गए ऐतिहासिक विवरण के अनुसार, ‘रेसोल्यूट डेस्क’ का निर्माण ब्रिटिश अन्वेषण पोत ‘एचएमएस रेसोल्यूट’ की लकड़ियों से किया गया था।

बकिंघम पैलेस ने अमेरिकी राष्ट्रपति और प्रथम महिला से बदले में प्राप्त उपहारों का विवरण भी दिया।

भाषा

नेत्रपाल पवनेश

पवनेश


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