चीन की मध्यस्थता से हुई पाक-अफगान वार्ता बिना किसी समझौते के समाप्त हुई

चीन की मध्यस्थता से हुई पाक-अफगान वार्ता बिना किसी समझौते के समाप्त हुई

चीन की मध्यस्थता से हुई पाक-अफगान वार्ता बिना किसी समझौते के समाप्त हुई
Modified Date: April 8, 2026 / 05:59 pm IST
Published Date: April 8, 2026 5:59 pm IST

(केजेएम वर्मा)

बीजिंग, आठ अप्रैल (भाषा) पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच लड़ाई खत्म करने के लिए चीन की मध्यस्थता में एक सप्ताह तक चली वार्ता बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई। हालांकि, चीन का कहना है कि दोनों देश अपने मतभेदों को सुलझाने के लिए एक ‘‘व्यापक समाधान’’ तलाशने पर सहमत हुए हैं।

चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने बुधवार को बताया कि चीन, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के प्रतिनिधियों ने 1 से 7 अप्रैल तक शिनजियांग उइगुर स्वायत्त क्षेत्र की प्रांतीय राजधानी उरुमकी में अनौपचारिक वार्ता की।

चीन की मध्यस्थता से हुई यह वार्ता, पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान में कथित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए फरवरी के अंत में ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक’ शुरू करने के बाद दोनों पड़ोसी देशों के बीच पहली प्रमुख राजनयिक बातचीत थी।

पाकिस्तान ने तालिबान के नेतृत्व वाली अफगान सरकार पर प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) जैसे समूहों के सदस्यों को शरण देने का आरोप लगाया है, जो पाकिस्तान में कई प्रांतों में बार-बार हमले कर विद्रोह को अंजाम दे रहे हैं।

माओ ने कहा कि तीनों पक्षों के अधिकारियों ने एक अच्छे माहौल में खुलकर और व्यावहारिक चर्चा की।

उनसे जब पूछा गया कि क्या पाकिस्तान और अफगानिस्तान फिर से वार्ता करने को सहमत हुए हैं, तो उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि संपर्क में बने रहना एक महत्वपूर्ण सहमति है, और उरुमकी प्रक्रिया काफी सार्थक है। हम भविष्य में हर स्तर पर अधिक संवाद की उम्मीद कर सकते हैं।’’

उरुमकी में हुई वार्ता में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के मध्य स्तर के अधिकारियों ने भाग लिया।

भाषा सुभाष अविनाश

अविनाश


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