चीन: थ्येनआनमन सैन्य कार्रवाई में मारे गए लोगों के परिजनों को कब्रों पर न जाने की चेतावनी

चीन: थ्येनआनमन सैन्य कार्रवाई में मारे गए लोगों के परिजनों को कब्रों पर न जाने की चेतावनी

चीन: थ्येनआनमन सैन्य कार्रवाई में मारे गए लोगों के परिजनों को कब्रों पर न जाने की चेतावनी
Modified Date: June 4, 2026 / 03:13 pm IST
Published Date: June 4, 2026 3:13 pm IST

बीजिंग, चार जून (एपी) चीन का प्रशासन 1989 में थ्येनआनमन स्क्वायर पर विद्यार्थियों के नेतृत्व में हुए लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनों के खिलाफ की गयी सैन्य कार्रवाई की यादों को मिटाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है।

इस वर्ष प्रशासन ने इस घटना के पीड़ितों के परिजनों को बताया कि उन्हें बरसी पर बीजिंग के एक कब्रिस्तान में जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी

यह घटना बृहस्पतिवार को आज के ही दिन 37 साल पहले घटी थी।

यह जनमानस से इस घटना को पूरी तरह मिटाने के लिए वर्षों से जारी अभियान का एक और कड़ा कदम है।

मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पुलिस ने इस कार्रवाई में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को बताया कि उन्हें बरसी पर बीजिंग के एक कब्रिस्तान में जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

एमनेस्टी इंटरनेशनल के अनुसार, इस घटना में मारे गये लोगों के परिजन पिछले 30 सालों के दौरान पुलिस की निगरानी में कब्रिस्तान में जाकर श्रद्धांजलि देते रहे हैं।

ये परिजन, ‘थ्येनआनमन मदर्स’ नाम के एक समूह से जुड़े हैं।

चीनी सेना ने वर्ष 1989 में थ्येनआनमन चौक पर प्रदर्शनकारियों तक पहुंचने से रोकने की कोशिश करने वाली भीड़ को कुचलते हुए हजारों लोगों को मार गिराया था।

थ्येनआनमन चौक चीन की राजधानी के मध्य स्थित एक विशाल चौक है।

कम्युनिस्ट पार्टी नेतृत्व द्वारा सेना भेजने का निर्णय चीन के आधुनिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ था जिसने यह निर्धारित किया कि देश को विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में बदलने वाले बाजार सुधार में राजनीतिक उदारीकरण के लिए कोई स्थान नहीं होगा।

पुलिस ने हांगकांग में बृहस्पतिवार को सुरक्षा बढ़ा दी ताकि पार्क या उसके आसपास किसी भी प्रकार का कार्यक्रम न हो सके।

वर्ष 2019 में यहां बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद प्रतिबंध लगने तक हर साल बरसी पर एक विशाल मोमबत्ती जुलूस निकाला जाता था।

एपी जितेंद्र नरेश

नरेश


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