युद्ध की तैयारी में ड्रैगन! डोकलाम विवाद के बाद तिब्बत में चीनी सेना ने पहली बार किया युद्धाभ्यास

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युद्ध की तैयारी में ड्रैगन! डोकलाम विवाद के बाद तिब्बत में चीनी सेना ने पहली बार किया युद्धाभ्यास

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  • Publish Date - June 30, 2018 / 06:54 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:43 PM IST

पेइचिंग। तिब्बत में तैनात चीनी सेना ने हिमालय के दूरवर्ती इलाके में डोकलाम विवाद के बाद पहली बार सैन्याभ्यास किया चीनी सेना के मुतबिक यह अभ्यास अपने साजोसामान, हथियारों की सपोर्टिंग क्षमता और सैन्य-असैन्य एकीकरण का निरीक्षण करने के लिए किया गया। यह जानकारी चीन के आधिकारिक मीडिया ने दी।

चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्सने एक रिपोर्ट में बताया कि पीएलए ने पिछले साल अगस्त में 4,600 मीटर की ऊंचाई पर 13 घंटे तक अभ्यास करने के बाद अब जाकर मंगलवार को अभ्यास किया। विश्लेषकों ने इस अभ्यास की प्रशंसा की। उन्होंने इसे सैन्य-असैन्य एकीकरण की ओर महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने रिपोर्ट में कहा कि यह नए युग में मजबूत सेना का निर्माण करने के देश के लक्ष्य को हासिल करने की रणनीति है।

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सैन्य विशेषज्ञ सोंग झोंगपिंग ने ने चीन के सरकारी अखबार से कहा कि, ‘अत्यधिक ऊंचाई पर लड़ाई में सबसे बड़ी चुनौती सतत साजोसामान और हथियार को सहयोग उपलब्ध कराना है। वर्ष 1962 में चीन-भारत-सीमा संघर्ष में चीन पर्याप्त साजोसामान मुहैया ना होने की वजह से इस जीत का पूरा फायदा उठाने में विफल रहा। हालांकि स्थानीय तिब्बती निवासियों ने अस्थायी सहयोग के तौर पर सैनिक मुहैया कराए लेकिन वह लगातार नहीं था’।

उन्होंने कहा कि, ‘यह अभ्यास दिखाता है कि सैन्य-असैन्य एकीकरण साध्य रणनीति है और यह मजबूत युद्ध शक्ति बनाने में मदद कर सकती है।

वेब डेस्क, IBC24