Anna Hazare on CJP Protest/Image Credit: AI
Anna Hazare on CJP Protest: नई दिल्ली: नीट पेपर लीक मामले को लेकर छात्र और विपक्ष केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। देश की राजधानी दिल्ली में 20 जुलाई को कॉकरोज जनता पार्टी (CJP) के संसद चलो मार्च के दौरान लाठीचार्ज किया गया। पुलिस की तरफ से किए गए इस लाठीचार्ज का विपक्ष ने जमकर विरोध किया। वहीं अब इस मामले में एक नया मोड़ आया है। संसद चलो मार्च के दौरान हुए लाठीचार्ज को लेकर अन्ना हजारे ने पीएम मोदी को पत्र लिखा है। दिल्ली में छात्रों के आंदोलन को देखते हुए वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे कल सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक अहिल्यानगर के वाडिया पार्क स्थित गांधी स्मारक पर मौन आंदोलन करेंगे। अन्ना हजारे का कहना है कि सरकार को छात्रों के साथ संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
अन्ना हजारे ने अपने पत्र में कहा कि दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान जिस तरह की हिंसा हुई, उससे उन्हें दुख पहुंचा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करने का अधिकार है और ऐसे मामलों में सरकार को संवेदनशीलता के साथ संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए।
उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि सरकार की ओर से सकारात्मक संदेश और पहल होनी चाहिए, ताकि आंदोलन कर रहे लोगों में विश्वास कायम हो और स्थिति शांतिपूर्ण ढंग से सुलझ सके। (Anna Hazare on CJP Protest) अन्ना हजारे ने कहा कि सरकार और आंदोलनकारियों के बीच सार्थक संवाद से ही गतिरोध समाप्त हो सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाएगी और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप समाधान तलाशेगी।
Anna Hazare on CJP Protest: अन्ना हजारे ने लोकतंत्र में संवाद के बजाय दमन का रास्ता अपनाए जाने पर चिंता व्यक्त की। अन्ना हजारे के आंदोलन स्थल को प्रतीकात्मक रूप से ‘नगर का जंतर-मंतर’ नाम दिया जाएगा। इस आंदोलन पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में दमन नहीं, बल्कि संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान किया जाए।
अन्ना हजारे ने कहा, पेपर लीक, बेरोजगारी और भर्ती प्रक्रिया में हो रही देरी चिंताजनक है। छात्रों के आंदोलन को कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि जनभावना का मुद्दा मानना चाहिए। (Anna Hazare on CJP Protest) सरकार छात्रों और आंदोलनकारियों के साथ सकारात्मक संवाद करे।’ उन्होंने महात्मा गांधी के सत्याग्रह के मार्ग पर चलते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने की अपील की।
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