दुबई, 21 मई (एपी) पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच हो रही बातचीत अधर में लटकी हुई है और माना जा रहा है कि इसके पीछे रूढ़िवादी सैन्य अधिकारी अहमद वाहिदी की भूमिका है, जिन्हें देश और विदेश में कई हमलों के लिए जिम्मेदार माना जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल अहमद वाहिदी अमेरिका के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए हो रही बातचीत में ईरान के कड़े रुख के लिए जिम्मेदार हैं।
ऐसा माना जाता है कि वह ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई के सीधे संपर्क में रहने वाले चुनिंदा लोगों में शामिल हैं। मोजतबा 28 फरवरी को इजराइली हमलों में कथित तौर पर घायल होने के बाद से भूमिगत हैं। उक्त हमले में उनके पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु हो गई थी।
युद्ध शुरू होने के बाद, ईरान में अंतिम निर्णय लेने की शक्ति किसके पास है, यह अब भी अनिश्चित है। ईरान की धर्म आधारित सत्ता के शीर्ष पदों पर बैठे लोग सत्ता के लिए होड़ कर रहे हैं।
वाहिदी को आठ फरवरी के बाद से सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है। ईरानी मीडिया ने बृहस्पतिवार को तेहरान में पाकिस्तान के गृह मंत्री के साथ वाहिदी की मुलाकात के बारे में विरोधाभासी खबरें दीं। पाकिस्तान के गृह मंत्री अमेरिका के साथ वार्ता के संबंध में एक संदेश लेकर गए थे और उन्होंने अन्य शीर्ष ईरानी अधिकारियों से भी मुलाकात की थी।
सत्ता व्यवस्था से लंबे समय से जुड़े वाहिदी ने पूरे क्षेत्र में चरमपंथी समूहों के लिए ईरान के समर्थन को आकार देने में मदद की। उन पर अर्जेंटीना में 1994 में एक यहूदी केंद्र पर हमले में भूमिका निभाने का आरोप है और 2022 में, उन्होंने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ निर्मम कार्रवाई के दौरान घरेलू सुरक्षा बलों का नेतृत्व किया।
इस साल युद्ध की शुरुआत में ही रिवोल्यूशनी गार्ड प्रमुख के मारे जाने के बाद वाहिदी को इस शीर्ष पद पर पदोन्नत किया गया। वह ईरान की सबसे शक्तिशाली बल का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसके पास बैलिस्टिक मिसाइलों का जखीरा और छोटी नावों का बेड़ा है जो फारस की खाड़ी में जहाजों के लिए खतरा पैदा करता है।
वाशिंगटन स्थित इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर के मुताबिक, ‘‘वाहिदी और उनके करीबी लोगों ने न केवल संघर्ष में ईरान की सैन्य प्रतिक्रिया पर बल्कि ईरान की वार्ता नीति पर भी अपना नियंत्रण मजबूत कर लिया है।’’
न्यूयॉर्क स्थित थिंक टैंक सूफान ग्रुप के वरिष्ठ फेलो केनेथ काट्ज़मैन ने कहा, ‘‘वाहिदी की मानसिकता निरंतर क्रांति और निरंतर प्रतिरोध की है, जो संभवतः उनके टकरावपूर्ण शैली को दर्शाता है।
एपी धीरज अविनाश
अविनाश