बताया जा रहा है कि, अरजमंद गुलजार (Burhan Hamza Killed) मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के रत्नीपोरा इलाके का रहने वाला था। करीब 7 साल पहले ही उसने आतंकी संगठन अल-बद्र जॉइन कर लिया था। बाद में संगठन का ऑपरेशनल कमांडर बन गया और पाकिस्तान से बैठकर कश्मीर में आतंकियों की भर्ती, फंडिंग और हथियारों की सप्लाई का नेटवर्क चलाने लगा।
2022 में आतंकवादी घोषित
भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने वर्ष 2022 में बुरहान हमजा (Burhan Hamza Killed) को आतंकवादी घोषित किया था। मंत्रालय के अनुसार वह पुलवामा और दक्षिण कश्मीर में आतंक फैलाने, युवाओं को आतंकी संगठनों में भर्ती कराने और आतंकवाद के लिए आर्थिक सहायता जुटाने का मास्टर माइंड था।
पुलवामा से आतंकी नेटवर्क का कनेक्शन
पुलवामा आतंकी गतिविधियों का केंद्र रहा है। जिनमें बुरहान वानी का नाम भी शामिल रहा। हमजा बुरहान साल 2020 में पुलवामा में सीआरपीएफ पर हुए ग्रेनेड अटैक का मास्टरमाइंड था। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, अरजमंद गुलजार का नेटवर्क पुलवामा, शोपियां और अवंतीपोरा क्षेत्रों में सक्रिय था। गुलजार (Burhan Hamza Killed) को डिजिटल कट्टरपंथ मॉडल का हिस्सा माना जाता है, जिसमें सोशल मीडिया और स्थानीय नेटवर्क के जरिए युवाओं को हथियार उठाने के लिए उकसाया जाता था।