संरा महासचिव पद के लिए चार उम्मीदवारों के बीच मुकाबला, 2016 की तुलना में संख्या में आई कमी
संरा महासचिव पद के लिए चार उम्मीदवारों के बीच मुकाबला, 2016 की तुलना में संख्या में आई कमी
संयुक्त राष्ट्र, 20 अप्रैल (एपी) संयुक्त राष्ट्र का अगला महासचिव बनने के लिए चार उम्मीदवारों के बीच मुकाबला है और वे अपनी दावेदारी पेश करने के लिए इस सप्ताह संगठन के 193 सदस्यों के राजदूतों के प्रश्नों के उत्तर देंगे।
यह संख्या 10 वर्ष पहले जब एंतोनियो गुतारेस का संयुक्त राष्ट्र प्रमुख के रूप में चयन हुआ था, तब की तुलना में काफी कम है।
चिली की पूर्व राष्ट्रपति मिशेल बेचेलेट मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों के राजदूतों के समक्ष तीन घंटे के प्रश्नोत्तर सत्र में सबसे पहले शामिल होंगी। इस पद के उम्मीदवारों में बेचेलेट समेत दो महिलाएं और लातिन अमेरिका के तीन उम्मीदवार शामिल हैं।
बेचेलेट के बाद अर्जेंटीना के संयुक्त राष्ट्र परमाणु प्रमुख राफेल मारियानो ग्रोसी का नंबर आएगा।
संयुक्त राष्ट्र व्यापार प्रमुख रेबेका ग्रिंसपैन बुधवार को महासभा कक्ष में प्रश्नों का उत्तर देंगी और अंत में सेनेगल के पूर्व राष्ट्रपति मैकी साल पेश होंगे।
इस पद के लिए 2016 में 13 उम्मीदवारों ने दावेदारी पेश की थी और मुकाबला काफी कड़ा था। ऐसे में सवाल है कि उम्मीदवारों की संख्या कम होने का क्या कारण है।
इसका एक कारण यह है कि 2026 की दुनिया गहरे ध्रुवीकरण और संघर्षों से घिरी हुई है और मौजूदा परिस्थितियां 2016 के अपेक्षाकृत अधिक शांत वैश्विक माहौल से काफी अलग हैं। कुछ लोगों का मानना है कि इसका कारण संयुक्त राष्ट्र की घटती साख भी है।
यह वैश्विक संस्था एक दशक पहले जलवायु परिवर्तन को नियंत्रित करने के लिए पेरिस जलवायु समझौते को साकार करने में अपनी भूमिका और वैश्विक आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने, पर्यावरण की रक्षा करने तथा अमीर एवं गरीब देशों के बीच बढ़ती खाई को कम करने के लिए 17 लक्ष्यों पर विश्व के नेताओं की सहमति बनने को लेकर उत्साहित थी लेकिन आज वैश्विक ताकतों के बीच मतभेद इतने गहरे हैं कि संयुक्त राष्ट्र वैश्विक शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपनी मूल भूमिका निभाने में असमर्थ रहा है।
संयुक्त राष्ट्र मामलों के जानकार और ‘इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप’ के कार्यक्रम निदेशक रिचर्ड गोवान ने कहा कि मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति का असर गुतारेस के उत्तराधिकारी की दौड़ पर पड़ा है। गुतारेस का पांच वर्षीय दूसरा कार्यकाल 31 दिसंबर को समाप्त हो रहा है।
उन्होंने कहा कि 10 वर्ष पहले कई उम्मीदवार यह जानते हुए भी मैदान में उतरे थे कि उनके जीतने की संभावना बहुत कम है।
उन्होंने कहा, ‘‘इस बार संभावित उम्मीदवार और उन्हें नामित करने वाली सरकारें कहीं अधिक सतर्क हैं। अब यह भावना है कि यदि कोई उम्मीदवार कोई गलती कर बैठा और उसने अमेरिका या चीन को नाराज कर दिया तो इससे वास्तविक कूटनीतिक नुकसान हो सकता है।’’ एपी सिम्मी शोभना
शोभना

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