होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता का समर्थन कर रहे देश ‘सही संदेश’ दे रहे हैं :आईएमओ प्रमुख
होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता का समर्थन कर रहे देश ‘सही संदेश’ दे रहे हैं :आईएमओ प्रमुख
(गुरदीप सिंह)
सिंगापुर, 21 अप्रैल (भाषा) अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) के प्रमुख आर्सेनियो डोमिनगेज ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में आवागमन की स्वतंत्रता के समर्थन में खड़े देश ‘‘सही संदेश’’ दे रहे हैं।
डोमिनगेज ने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है जब ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध वैश्विक समुद्री परिवहन के लिए खतरा बना हुआ है।
आईएमओ के महासचिव डोमिनगेज ने सोमवार को सिंगापुर के मीडिया से बातचीत में भू-राजनीतिक संघर्षों में दबाव बनाने के साधन के रूप में समुद्री परिवहन के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर भी आगाह किया।
डोमिनगेज ने कहा कि आईएमओ ने फारस की खाड़ी में अब भी फंसे 1,600 से अधिक पोतों पर सवार करीब 20,000 समुद्री कर्मियों को निकालने की योजना तैयार की है।
‘द स्ट्रेट्स टाइम्स’ ने मंगलवार को आईएमओ प्रमुख के हवाले से कहा कि संगठन ने कुछ देशों के समूह के साथ मिलकर ऐसी व्यवस्थाएं की हैं ताकि जब समुद्री यातायात अंततः फिर शुरू हो तो होर्मुज जलडमरूमध्य को बारूदी सुरंगों और अन्य खतरों से मुक्त कराया जा सके।
अमेरिका एवं ईरान के बीच युद्धविराम बुधवार को समाप्त होगा। इसके आगे बरकरार रहने को लेकर अनिश्चितता के बीच सोमवार को होर्मुज से वाणिज्यिक नौवहन लगभग ठहर गया। पाकिस्तान में वार्ता के दूसरे दौर को लेकर भी अनिश्चितता की स्थिति है।
डोमिनगेज ने कहा, ‘‘हकीकत यह है कि हमें वैश्विक समुदाय के संघर्ष कम करने के प्रयासों के समर्थन में एकजुट होने की जरूरत है ताकि हम सामान्य तरीके से व्यापार कर सकें।’’
आईएमओ महासचिव ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में आवागमन की स्वतंत्रता के समर्थन में खड़े देश ‘‘सही संदेश’’ दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि संगठन ईरान और ओमान जैसे पड़ोसी देशों के संपर्क में है ताकि यह चर्चा की जा सके कि संघर्ष समाप्त होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित व्यापार फिर कैसे शुरू किया जा सकता है।
समाचार पत्र ने डोमिनगेज के हवाले से कहा, ‘‘यह युद्ध जितना लंबा खिंचेगा, वैश्विक अर्थव्यवस्था पर उतने ही अधिक नकारात्मक असर दिखेंगे।’’
डोमिनगेज ने अंतरराष्ट्रीय नौवहन के लिए इस्तेमाल होने वाले जलमार्गों पर शुल्क या भुगतान व्यवस्था के विचार को भी खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं सिंगापुर सरकार के रुख को रेखांकित करना चाहता हूं, जिसने बहुत स्पष्ट और जोरदार ढंग से कहा कि वह इन शर्तों पर बातचीत नहीं करेगी।’’
भाषा
सिम्मी शोभना
शोभना

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