Vande Bharat: लेंसकार्ट के ‘ड्रेसकोड’ पर विवाद! कर्मचारियों के तिलक और कलावा पर रोक, क्या ये कोई पुरानी नीतिया फिर कोई गहरी साजिश?

Lenskart Dress Code Controversy: चश्मा बेचने वाली दिग्गज कंपनी 'लेंसकार्ट' इस वक्त एक बड़े विवाद के चश्मे से घिरी नजर आ रही है।

Vande Bharat: लेंसकार्ट के ‘ड्रेसकोड’ पर विवाद! कर्मचारियों के तिलक और कलावा पर रोक, क्या ये कोई पुरानी नीतिया फिर कोई गहरी साजिश?

Lenskart Dress Code Controversy/Image Credit: IBC24.in

Modified Date: April 21, 2026 / 12:11 am IST
Published Date: April 21, 2026 12:10 am IST
HIGHLIGHTS
  • 'लेंसकार्ट' इस वक्त एक बड़े विवाद के चश्मे से घिरी नजर आ रही है।
  • सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक कथित ड्रेस कोड को लेकर देश भर में हंगामा बरपा है।
  • आरोप है कि कंपनी ने कर्मचारियों के तिलक लगाने और कलावा बांधने पर रोक लगा दी है।

Lenskart Dress Code Controversy: नई दिल्लीः चश्मा बेचने वाली दिग्गज कंपनी ‘लेंसकार्ट’ इस वक्त एक बड़े विवाद के चश्मे से घिरी नजर आ रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक कथित ड्रेस कोड को लेकर देश भर में हंगामा बरपा है। आरोप है कि कंपनी ने कर्मचारियों के तिलक लगाने और कलावा बांधने पर रोक लगा दी है, जबकि दूसरे धर्मों के प्रतीकों को छूट दी गई है। मुंबई से लेकर मध्य प्रदेश के हरदा तक विरोध की आग फैल चुकी है। आखिर क्या है यह पूरा मामला और कंपनी ने इस पर क्या सफाई दी है? देखिए

क्या किसी कॉर्पोरेट ऑफिस में तिलक लगाना और कलावा बांधना मना है? क्या बिंदी लगाने पर नौकरी जा सकती है? ये सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि सोशल मीडिया पर लेंसकार्ट का एक कथित पॉलिसी डॉक्यूमेंट आग की तरह फैल रहा है..इस वायरल दस्तावेज में दावा किया गया है कि लेंसकार्ट ने अपने कर्मचारियों के लिए तिलक, कलावा और बिंदी पहनने पर पाबंदी लगा दी है। (Lenskart Dress Code Controversy) वहीं, हिजाब और पगड़ी को कुछ शर्तों के साथ मंजूरी दी गई है। बस इसी भेदभाव वाले दावे ने सोशल मीडिया पर ‘बॉयकॉट लेंसकार्ट’ की मुहिम छेड़ दी। आग में घी डालने का काम किया पूर्व कर्मचारी जील सोघसिया के बयान ने जील का आरोप है कि उन्हें अपनी शिखा यानी चोटी काटने और तिलक हटाने के लिए मजबूर किया गया और इनकार करने पर उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया।

Lenskart Dress Code Controversy:  विवाद बढ़ा तो सियासत और संगठनों की एंट्री हुई। मुंबई में बीजेपी नेता नाजिया इलाही खान ने लेंसकार्ट शोरूम में घुसकर न सिर्फ हिंदू कर्मचारियों को तिलक लगाया और कलावा बांधा, बल्कि वहां मौजूद मुस्लिम मैनेजर को जमकर खरी-खोटी सुनाई। हंगामे की तस्वीरें मध्य प्रदेश के हरदा से भी आईं, (Lenskart Dress Code Controversy) जहां बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कंपनी के सीईओ पीयूष बंसल की फोटो जलाई और शोरूम के बाहर जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं के भारी विरोध के बाद कर्मचारियों को शोरूम बंद करना पड़ा।

हालांकि, मामला तूल पकड़ता देख लेंसकार्ट के सीईओ पीयूष बंसल ने मोर्चा संभाला। बंसल ने वायरल हो रहे डॉक्यूमेंट को पूरी तरह से ‘फर्जी’ और ‘पुराना’ करार दिया। उन्होंने साफ कहा कि कंपनी हर धर्म का सम्मान करती है और हजारों कर्मचारी अपनी आस्था के साथ काम कर रहे हैं। (Lenskart Dress Code Controversy) अब सवाल ये है कि क्या ये वाकई कोई पुरानी नीति थी जिसे अब हवा दी गई या फिर ये किसी गहरी साजिश का हिस्सा है? फिलहाल, आस्था और कॉर्पोरेट पॉलिसी की इस जंग ने लेंसकार्ट के लिए मुश्किलें जरूर खड़ी कर दी हैं।

इन्हे भी पढ़ें:-


लेखक के बारे में

I am a content writer at IBC24 and I have learned a lot here so far and I am learning many more things too. More than 3 years have passed since I started working here. My experience here has been very good.