अमेरिकी हवाई हमलों के बाद ईरान में काली और अम्लीय बारिश, विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य खतरों की चेतावनी दी

अमेरिकी हवाई हमलों के बाद ईरान में काली और अम्लीय बारिश, विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य खतरों की चेतावनी दी

अमेरिकी हवाई हमलों के बाद ईरान में काली और अम्लीय बारिश, विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य खतरों की चेतावनी दी
Modified Date: March 10, 2026 / 01:26 pm IST
Published Date: March 10, 2026 1:26 pm IST

( गैबरियल दा सिल्वा, मेलबर्न विश्वविद्यालय )

मेलबर्न, 10 मार्च (द कन्वरसेशन) अमेरिकी और इजराइली हवाई हमलों के बाद ईरान के कुछ हिस्सों में काले रंग की बारिश होने की खबरें आई हैं। मीडिया की कुछ खबरों में इसे “अम्लीय बारिश” कहा गया है।

ईरानी नागरिकों ने सिरदर्द, सांस लेने में कठिनाई होने और इमारतों एवं वाहनों पर तेल मिश्रित पानी गिरने की शिकायतें की हैं। ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने चेतावनी दी है कि इस बारिश में मौजूद रासायनिक यौगिक अत्यंत खतरनाक और अम्लीय हो सकते हैं।

एक वायुमंडलीय रसायन विशेषज्ञ और रासायनिक इंजीनियर के अनुसार, यह बारिश केवल अम्लीय नहीं है। इसमें सल्फ़्यूरिक और नाइट्रिक अम्ल तो होंगे ही, साथ ही अन्य कई हानिकारक रसायन भी मिल सकते हैं। ये प्रदूषक मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए तत्काल और दीर्घकालिक रूप से खतरनाक हैं।

तेल डिपो पर हमलों से उठे धुएँ में हाइड्रोकार्बन, अल्ट्राफाइन कण (पीएम2.5), पॉलीसाइक्लिक एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन (पीएएचएस) और भारी धातुएँ शामिल हो सकती हैं। इन प्रदूषकों के बारिश में मिलने से यह और भी हानिकारक हो जाती है।

धुएँ में सल्फ़र डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड भी होते हैं, जो वायुमंडल में सल्फ़्यूरिक और नाइट्रिक अम्ल बनाने के लिए जिम्मेदार हैं। यही अम्ल पानी की बूँदों में घुलकर परंपरागत “अम्लीय बारिश” बनाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बारिश सामान्य अम्लीय बारिश से कहीं अधिक खतरनाक है, क्योंकि इसमें कई विषाक्त और कैंसरकारी तत्व शामिल हैं।

स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव गंभीर हो सकते हैं। तुरंत प्रभाव में लोग सिरदर्द, सांस लेने में कठिनाई और अस्थमा जैसी परेशानियों का सामना कर सकते हैं। विशेषकर वृद्ध, बच्चे, गर्भवती महिलाएँ और असमर्थ लोग अधिक जोखिम में हैं।

लंबे समय में, अल्ट्राफाइन कण रक्त प्रवाह में प्रवेश कर कैंसर, हृदय रोग और मानसिक विकार जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। प्रदूषक जब जल स्रोतों में पहुँचते हैं, तो यह पानी और जलजीवों के लिए भी खतरनाक हो सकते हैं। काली बारिश से रासायनिक यौगिक इमारतों, सड़कों और अन्य सतहों पर जमा हो जाते हैं और जब हवा में उठते हैं तो फिर से सांस के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर सकते हैं।

स्थानीय लोगों के लिए सुरक्षा उपाय भी बताए गए हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि प्रभावित लोग मास्क पहनें, घर में रहें, दरवाजे और खिड़कियाँ बंद रखें और बाहर की हवा को भीतर न आने दें। सतहों को नियमित रूप से साफ़ करना भी जरूरी है। हालांकि युद्ध की स्थिति में इन उपायों को लागू करना कठिन है।

पूर्व में हुए युद्धों के अनुभव, जैसे इराक और कुवैत में तेल के कुओं को नष्ट करना और जलने वाले विशाल स्थलों से उठने वाला धुआँ, यह दिखाता है कि युद्ध का पर्यावरणीय प्रभाव और स्वास्थ्य पर दीर्घकालिक असर गहरा होता है। वर्तमान परिस्थितियों में ईरानी स्थानीय आबादी को भी गंभीर स्वास्थ्य और पर्यावरणीय खतरे का सामना करना पड़ रहा है।

इस तरह काली और अम्लीय बारिश केवल जलवायु घटना नहीं है, बल्कि युद्ध और प्रदूषण का परिणाम है, जो स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य और जीवन पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है।

( द कन्वरसेशन ) मनीषा माधव

माधव


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