कोविड-19 से निपटने के लिए लोकतंत्रों के तत्काल एकसाथ आने की जरूरत : कृष्णमूर्ति

कोविड-19 से निपटने के लिए लोकतंत्रों के तत्काल एकसाथ आने की जरूरत : कृष्णमूर्ति

कोविड-19 से निपटने के लिए लोकतंत्रों के तत्काल एकसाथ आने की जरूरत :  कृष्णमूर्ति
Modified Date: November 29, 2022 / 08:11 pm IST
Published Date: May 31, 2021 3:19 am IST

(ललित के. झा)

वाशिंगटन, 31 मई (भाषा) भारतवंशी अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने रविवार को कहा कि कोविड-19 से निपटने के लिए हमारे लोकतंत्रों को एकसाथ आने की तत्काल जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को टीके संबंधी सहायता देने का अपना वादा अमेरिका पूरा करे तथा उसे और मदद भी मुहैया करवाए।

उन्होंने कहा कि नैतिकता एवं करुणा की राह पर चलते हुए विश्व स्तर पर सामूहिक प्रतिरक्षा (हर्ड इम्युनिटी) हासिल करना ही उचित होगा।

कृष्णमूर्ति ने कहा, ‘‘मैं भारत में किसी भी राजनीतिक दल, व्यक्ति, या समूह, जैसे भाजपा, कांग्रेस, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सोनिया गांधी, आरएसएस या किसी भी अन्य भारतीय संगठन या व्यक्ति के विचारों का समर्थन या उनका प्रचार नहीं करता हूं। मैं इनसे जुड़ा हुआ भी नहीं हूं।’’

उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी के खात्मे के लिए यह बहुत आवश्यक है कि अमेरिका, भारत और दुनियाभर में सभी को टीके लगाए जाएं, यह सभी लोगों के हित में हैं।

इलिनॉयस से डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर की हालिया अमेरिका यात्रा ‘‘ मौजूदा वैश्विक महामारी से निपटने, भारत को टीके संबंधी सहायता मुहैया कराने के अमेरिकी वादे को पूरा करने और अतिरिक्त सहयोग कायम करने के लिए लोकतंत्रों के तत्काल साथ आने की आवश्यकता की ओर एक बार फिर ध्यान आकर्षित करती है।’’

कृष्णमूर्ति ने कहा कि वह अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टीका वितरण के प्रयासों को बढ़ाने की लगातार अपील कर रहे हैं, जिससे वैश्विक महामारी से गंभीर रूप से प्रभावित भारत और अन्य देशों की मदद की जा सके।

सांसद ने कहा, ‘‘ इसलिए मैं जल्द ही ‘नलिफाइंग अपॉच्युनिटीज फॉर वैरिएंट टू इन्फेक्ट एंड डेसीमेट (नोविड) अधिनियम का प्रस्ताव पेश करूंगा, जिससे अंतरराष्ट्रीय प्रयासों, सहायता बढ़ाने, निजी क्षेत्र में उत्पादन के विस्तार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाते हुए विश्व स्तर पर टीकाकरण की दर 60 प्रतिशत से अधिक हो जाएगी।’’

उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से लोगों की जिंदगी बचाने के साथ ही उस अंतरराष्ट्रीय नींव के निर्माण में भी मदद मिलेगी, जो वैश्विक महामारी से निपटने के लिए जरूरी है।’’

भाषा निहारिका मानसी

मानसी


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