Dog Lick Infection: घर में कुत्ता है? पालतू कुत्ते की एक चाट… और मालिक के कट गए हाथ-पैर! मामूली घाव से शुरू हुआ ऐसा संक्रमण कि डॉक्टर भी रह गए हैरान

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Dog Lick Infection: यूके में 52 वर्षीय महिला मनजीत संघा के साथ घटी एक चौंकाने वाली घटना ने पालतू जानवरों से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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  • Publish Date - February 24, 2026 / 08:49 PM IST,
    Updated On - February 24, 2026 / 08:49 PM IST

lick dog/ image source: freepik

HIGHLIGHTS
  • डॉग लिक से जानलेवा संक्रमण
  • महिला के कटे हाथ-पैर
  • मामूली कट बना कारण

Dog Lick Infection: नई दिल्ली: यूके में 52 वर्षीय महिला मनजीत संघा के साथ घटी एक चौंकाने वाली घटना ने पालतू जानवरों से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आमतौर पर कुत्तों को इंसान का सबसे वफादार साथी माना जाता है और उनका मालिक को चाटना स्नेह का संकेत समझा जाता है। लेकिन जुलाई 2025 में घर लौटने के बाद थोड़ा अस्वस्थ महसूस कर रही मनजीत की हालत अगले ही दिन अचानक बिगड़ गई। वह बेहोश हो गईं, उनके हाथ-पैर बर्फ जैसे ठंडे हो गए, होंठ नीले पड़ गए और सांस लेने में गंभीर तकलीफ शुरू हो गई। परिजनों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि उन्हें सेप्सिस हो चुका है, एक ऐसा जानलेवा संक्रमण जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया ही अंगों को नुकसान पहुंचाने लगती है।

Sepsis from dog lick infection: डॉक्टरों ने क्या बताया ?

डॉक्टरों के मुताबिक संक्रमण इतनी तेजी से फैला कि महिला को बचाने के लिए दोनों पैर घुटनों के नीचे से और दोनों हाथ काटने पड़े। इलाज के दौरान उन्हें छह बार कार्डियक अरेस्ट भी आया और कई जटिलताओं का सामना करना पड़ा। चिकित्सकों का मानना है कि संक्रमण की शुरुआत तब हुई जब उनके पालतू कुत्ते ने शरीर पर मौजूद एक छोटे-से कट या खरोंच को चाट लिया। कुत्तों की लार में पाया जाने वाला बैक्टीरिया कैपनोसाइटोफेगा कैनिमोरसस सामान्यतः कुत्तों के लिए हानिरहित होता है, लेकिन इंसानों में यह गंभीर संक्रमण, सेप्सिस और सेप्टिक शॉक का कारण बन सकता है।

What is Spesis: क्या है स्पेसिस ?

सेप्सिस एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम किसी संक्रमण के खिलाफ अत्यधिक प्रतिक्रिया देता है और पूरे शरीर में सूजन फैला देता है। इससे स्वस्थ ऊतक और अंग भी प्रभावित हो जाते हैं। गंभीर मामलों में यह सेप्टिक शॉक में बदल सकता है, जहां ब्लड प्रेशर अचानक गिर जाता है और अंगों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती। परिणामस्वरूप मल्टी-ऑर्गन फेल्योर और मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार सेप्सिस किसी भी संक्रमण से शुरू हो सकता है, जैसे निमोनिया, यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन, पेट या आंत का संक्रमण, त्वचा संक्रमण या मस्तिष्क-रीढ़ से जुड़ा संक्रमण। बैक्टीरिया इसके प्रमुख कारण होते हैं, लेकिन वायरस, फंगस और परजीवी भी इसे ट्रिगर कर सकते हैं।

सेप्सिस के लक्षण तेजी से विकसित होते हैं और इन्हें पहचानना जीवन बचाने के लिए बेहद जरूरी है। तेज बुखार या बहुत कम शरीर का तापमान, तेज धड़कन, सांस लेने में कठिनाई, बहुत कम पेशाब, अत्यधिक थकान, त्वचा पर लाल या गहरे धब्बे, लो ब्लड प्रेशर, ठंड लगना, कांपना और तेज दर्द जैसे संकेत अचानक दिखें तो तुरंत मेडिकल सहायता लेनी चाहिए। देर होने पर सेप्सिस कई गंभीर जटिलताओं में बदल सकता है, जैसे सेप्टिक शॉक, फेफड़ों में तरल भरने से होने वाला ARDS, असामान्य रक्त जमाव (DIC), किडनी फेल्योर और पोस्ट-सेप्सिस सिंड्रोम जिसमें लंबे समय तक कमजोरी और मानसिक तनाव बना रहता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने क्या बताया ?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस घटना के बाद पालतू जानवरों के साथ स्वच्छता और सावधानी पर विशेष जोर दिया है। यदि त्वचा पर कोई कट, खरोंच या घाव हो तो पालतू जानवर को उस जगह चाटने न दें। किसी भी छोटे घाव को तुरंत साफ कर एंटीसेप्टिक लगाकर ढकें। बुखार, ठंड लगना या अचानक कमजोरी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। पालतू जानवरों के साथ खेलने के बाद हाथ धोना और नियमित स्वास्थ्य जांच भी संक्रमण के जोखिम को कम कर सकती है।

डॉग लिक से सेप्सिस कैसे हुआ?

कुत्ते की लार बैक्टीरिया घाव में गया।

कौन सा बैक्टीरिया जिम्मेदार था?

कैपनोसाइटोफेगा कैनिमोरसस बैक्टीरिया।

सेप्सिस कितना खतरनाक है?

अंग फेल और जान का खतरा।