आतंकवाद पर दोहरा मापदंड या समझौता मंजूर नहीं : प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशिया में कहा

आतंकवाद पर दोहरा मापदंड या समझौता मंजूर नहीं : प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशिया में कहा

आतंकवाद पर दोहरा मापदंड या समझौता मंजूर नहीं : प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशिया में कहा
Modified Date: February 8, 2026 / 11:15 pm IST
Published Date: February 8, 2026 11:15 pm IST

(तस्वीरों के साथ)

कुआलालंपुर, आठ फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को आतंकवाद से निपटने के मुद्दे पर भारत के रुख को दोहराते हुए कहा, ‘‘आतंकवाद पर हमारा संदेश स्पष्ट है। कोई दोहरा मापदंड नहीं। कोई समझौता नहीं।’’

शनिवार को मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर पहुंचे मोदी और उनके मलेशियाई समकक्ष अनवर इब्राहिम ने एक संयुक्त बयान में सीमा पार आतंकवाद सहित आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों की ‘स्पष्टता और दृढ़ता से निंदा’ की।

दोनों नेताओं ने आतंकवाद के प्रति कतई बर्दाश्त नहीं नीति और आतंकवाद से निपटने के लिए समन्वित अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का भी आह्वान किया।

यहां जारी बयान के मुताबिक दोनों शासनाध्यक्षों ने ‘‘कट्टरपंथ और हिंसक उग्रवाद का मुकाबला करने” की दिशा में काम करने पर सहमति जताई। इसके मुताबिक उन्होंने आतंकवाद के वित्तपोषण से निपटने और आतंकवादी उद्देश्यों के लिए नई और उभरती प्रौद्योगिकियों के उपयोग को रोकने की दिशा में काम करने का भी संकल्प लिया।

बयान में कहा गया कि आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के बीच संबंधों को पहचानते हुए, दोनों नेताओं ने सूचनाओं के आदान-प्रदान सहित अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ सहयोग करने पर सहमति जताई।

बयान में कहा गया कि दोनों देशों के शासनाध्यक्षों ने संयुक्त राष्ट्र और एफएटीएफ (वित्तीय कार्रवाई कार्यबल) सहित आतंकवाद का मुकाबला करने में द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

भारत और मलेशिया ने रविवार को व्यापार और निवेश, रक्षा, ऊर्जा, उन्नत विनिर्माण और सेमीकंडक्टर जैसे उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में अपने संबंधों का प्रगाढ़ करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर मोदी ने रेखांकित किया कि दोनों पक्ष हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध हैं।

मोदी और इब्राहिम ने संयुक्त राष्ट्र सहित बहुपक्षीय मंचों में सहयोग को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के सुधारों का समर्थन करने पर भी सहमति व्यक्त की।

संयुक्त बयान में कहा गया, ‘‘दोनों शासनाध्यक्षों ने समकालीन वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करते हुए बहुपक्षवाद को बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया, ताकि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) सहित अंतरराष्ट्रीय संगठनों को व्यापक प्रतिनिधित्व वाला बनाया जा सके।’’

इसमें कहा गया है, ‘‘भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उसकी स्थायी सदस्यता के लिए मलेशिया के समर्थन की सराहना की।’’

भाषा धीरज प्रशांत

प्रशांत


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