भारतीयों के लिए पढ़ाई, जॉब और मर्सिडीज ही सफलता है- स्टीव वॉजनिएक, ऐपल को-फाउंडर

भारतीयों के लिए पढ़ाई, जॉब और मर्सिडीज ही सफलता है- स्टीव वॉजनिएक, ऐपल को-फाउंडर

भारतीयों के लिए पढ़ाई, जॉब और मर्सिडीज ही सफलता है- स्टीव वॉजनिएक, ऐपल को-फाउंडर
Modified Date: November 29, 2022 / 09:00 pm IST
Published Date: February 27, 2018 12:32 pm IST

छोटी-छोटी सफलताओं से खुश होने वाले भारतीयों के लिए क्या बड़ी सफलता प्राप्त करना नामुंकिन है? क्या हमारी सोच केवल पढाई, जॉब, घर और गाड़ी तक ही सीमित है?  ऐसा हमारा नहीं बल्कि ऐपल के को फाउंडर स्टीव वॉजनिएक का कहना है। ऐपल के को फाउंडर स्टीव वॉजनिएक ने एक इंटरव्यू में कहा है कि भारतीय क्रिएटिव नहीं हो सकते हैं. और उन्हें कोई उम्मीद नहीं है कि भारत से कभी भी गूगल और ऐपल जैसी कंपनियां आ सकती हैं. उनके मुताबकि भारतीय लोगों के लिए पढ़ाई, जॉब करना और मर्सिडीज खरीद लेना ही सफलता है। वॉजनिएक के अनुसार भारत में उदाहरण के तौर पर एक बड़ी टेक कंपनी इंफोसिस है और वो भी इनोवेटिव नहीं है. उन्होंने यह भी उम्मीद जताई है कि इंफोसिस फिलहाल तो ग्लोबल टेक दिग्गज कंपनियों के रेस में आ ही नहीं सकता है. स्टीव वॉजनिएक के इस इंटरव्यू के बाद सोशल मीडिया पर अनेक प्रतिक्रियाएं देखने को मिली. कई लोगों ने स्टीव वॉजनिएक के इस बयान पर अपनी सहमति जताई है लेकिन कई लोगों उन्हें नसिहत देते हुए लिखा है कि दुनिया की कई बड़ी क्रिएटिव कंपनियां भारतीयों द्वारा संचालित हो रही हैं. और दुनिया की टॉप कंपनियों के हेड भारतीय ही हैं.

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महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन और सीईओ ने वॉजनिएक के इस बयान पर कहा ‘इस तरह की बात सुनना काफी मजेदार है! इस तरह की घिसी-पिटी सोच को खत्म करके अपने को जाहिर करने में मजा आता है. शुक्रिया स्टीव वॉजनिएक, जल्द वापस आइए. हम आपसे एक अलग धुन बजवाएंगे!

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आपको बता दें कि वॉजनिएक ने राय दी है कि भारतीयों के पास क्रिएटिविटी की कमी है और उन्हें अलग और क्रिएटिव सोच की ओर अपने करियर को ले जाने लिए बढ़ावा भी नहीं दिया जाता है. यहां सफलता का मतलब शैक्षणिक उत्कृष्टता,  अच्छी जॉब और बेहतर लाइफ जीना है।

 

 

वेब डेस्क, IBC24

 


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