यूरोपीय संघ ने कारोबार समझौते के लिए ब्रिटेन को भी शर्तें मानने को कहा

यूरोपीय संघ ने कारोबार समझौते के लिए ब्रिटेन को भी शर्तें मानने को कहा

यूरोपीय संघ ने कारोबार समझौते के लिए ब्रिटेन को भी शर्तें मानने को कहा
Modified Date: November 29, 2022 / 08:23 pm IST
Published Date: October 21, 2020 11:45 am IST

ब्रसेल्स, 21 अक्टूबर (एपी) ब्रिटेन के साथ ब्रेक्जिट के बाद कारोबार समझौते को बहाल करने पर गतिरोध के बीच यूरोपीय संघ ने बुधवार को कहा कि ऐसा नहीं हो सकता है कि ब्रिटेन हर तरह का लाभ हासिल करे बदले में वह कुछ नहीं दे।

यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल ने ब्रिटेन के इस अनुरोध को मानने से मना कर दिया कि कि यूरोपीय संघ (ईयू) समझौते की शर्तों में बदलाव करे तथा ब्रिटेन के और प्रस्तावों को मान ले।

मिशेल ने कहा कि अगर ब्रिटेन 27 सदस्यीय यूरोपीय संघ के बाजार में ज्यादा पहुंच हासिल करना चाहता है तो उसे भी अपने जल क्षेत्र को ईयू के मछुआरों के लिए खोलना होगा जबकि ब्रिटेन की सरकार ने कहा है कि वह ऐसा नहीं करना चाहती है।

यूरोपीय संसद में मिशेल ने कहा, ‘‘हां हम चाहते हैं कि ब्रिटेन के जलक्षेत्र में हमारे मछुआरों की पहुंच हो। ठीक वैसे ही जैसे ब्रिटेन भी चाहता है कि उसकी कंपनियों की पहुंच अलग-अलग बाजारों तक हो।’’

ब्रिटेन यूरोपीय संघ से 31 जनवरी को अलग हो गया था। उसके बाद से दोनों के बीच कारोबार के नए समझौते का प्रयास हो रहा है । पिछले सप्ताह यूरोपीय संघ और ब्रिटेन के बीच वार्ता में गतिरोध पैदा हो गया दोनों पक्षों ने एक समझौते तक पहुंचने के लिए एक दूसरे की शर्तों को मानने को कहा है ।

यूरोपीय संघ के मुख्य वार्ताकार मिशेल ब्रेनियर ने पिछले सप्ताह कहा था, ‘‘मैं आपको याद दिला दूं कि इस समझौते में यूरोपीय संघ का रूख नहीं बदलने वाला और यह नहीं बदलेगा । ’’ यूरोपीय संघ ने कहा है कि ब्रिटेन उसके बाजार तक निर्बाध पहुंच चाहता है जबकि यह केवल सदस्य देशों के लिए होता है।

एपी आशीष उमा

उमा


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