ईरान पर हमले के बीच यूरोपीय नेता अपने नागरिकों की रक्षा के तरीके खोजने में जुटे
ईरान पर हमले के बीच यूरोपीय नेता अपने नागरिकों की रक्षा के तरीके खोजने में जुटे
वारसॉ, 28 फरवरी (एपी) जमीनी स्तर पर तेजी से हो रहे घटनाक्रमों के बीच, यूरोपीय नेता शनिवार को ईरान पर अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए हमलों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करने के तरीके खोजने और पश्चिम एशिया में अपने नागरिकों की रक्षा करने के लिए तत्परता से जुट गए।
जर्मनी शनिवार को ईरान की स्थिति पर चर्चा करने के लिए एक आपातकालीन बैठक कर रहा है। वहीं, यूरोपीय संघ (ईयू) क्षेत्र से अपने कुछ कर्मचारियों को निकाल रहा है।
इजराइल और अमेरिका ने शनिवार को ईरान पर हमलों की झड़ी लगा दी, जिसके जवाब में ईरान ने भी खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजराइल पर मिसाइल हमले किए।
यह स्पष्ट नहीं है कि अमेरिका के सहयोगियों को हमलों की कोई अग्रिम सूचना दी गई थी या नहीं। जर्मनी की सरकार ने कहा कि उसे हमलों की सूचना शनिवार सुबह ही मिली।
फ्रांस के कनिष्ठ रक्षा मंत्री ने कहा कि उनके देश को पता था कि कुछ होने वाला है, लेकिन यह नहीं पता था कि कब होगा।
इस हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए, यूरोपीय संघ की शीर्ष राजनयिक काजा कल्लास ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को ‘‘खतरनाक’’ बताया और कहा कि वह वार्ता के माध्यम से शांति स्थापित करने के लिए इजराइली और अरब अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं।
सत्ताईस देशों के गुट की विदेश नीति प्रमुख कल्लास ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ईरान के शासन ने हजारों लोगों को मार डाला है। उसके बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम, साथ ही आतंकवादी समूहों को समर्थन देना, वैश्विक सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा पैदा करते हैं।’’
उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ लाल सागर में अपने समुद्री मिशन को बनाए रखते हुए क्षेत्र से कुछ कर्मचारियों को निकाल रहा है।
यूरोपीय संघ ने हाल ही में ईरान और इसके प्रमुख व्यक्तियों पर नये प्रतिबंध लगाए हैं, जिसके जवाब में तेहरान ने भी जवाबी प्रतिबंध लगा दिए हैं।
इस संबंध में जर्मन सरकार की संकट प्रबंधन टीम ईरान की स्थिति पर चर्चा करने के लिए बैठक करने वाली है।
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज भी सुरक्षा मामलों से जुड़े मंत्रियों और यूरोपीय साझेदारों के साथ चर्चा कर रहे हैं।
पश्चिम एशिया में अपनी मौजूदगी और ठिकाने रखने वाले फ्रांस ने क्षेत्र में अपने नागरिकों से अत्यधिक सावधानी बरतने को कहा है।
इटली सरकार ने इटलीवासियों से अत्यधिक सावधानी बरतने और क्षेत्र में स्थित अपने दूतावासों द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया।
वहीं, स्विट्जरलैंड ने अंतरराष्ट्रीय कानून का पूर्ण सम्मान करने का आह्वान किया और सभी पक्षों से ‘‘अधिकतम संयम बरतने, नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे की रक्षा करने’’ का आग्रह किया।
एपी नेत्रपाल सुरेश
सुरेश

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