ईरान के ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी में यूरोपीय संघ

ईरान के 'रिवोल्यूशनरी गार्ड' पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी में यूरोपीय संघ

ईरान के ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी में यूरोपीय संघ
Modified Date: January 29, 2026 / 08:01 pm IST
Published Date: January 29, 2026 8:01 pm IST

ब्रुसेल्स, 29 जनवरी (एपी) ईरान में देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों को हिंसक तौर पर दबाने को लेकर यूरोपीय संघ (ईयू) ने बृहस्पतिवार को वहां के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड पर कड़े प्रतिबंध लगाने की संभावना जताई, जिससे ईरान पर दबाव और गहरा गया है।

ईरान पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सैन्य कार्रवाई की धमकी का सामना कर रहा है।

अमेरिका ने युद्धपोत (यूएसएस अब्राहम लिंकन) और निर्देशित मिसाइलों से लैस जहाजों को मध्य पूर्व भेजा है ताकि वे समुद्र से हमला कर सकें। ईरान ने भी धमकी दी है कि वह पूर्व संभावित हमले कर सकता है या पूरे मध्य पूर्व में व्यापक रूप से कार्रवाई कर सकता है। इसमें अमेरिकी सैन्य अड्डे और इज़राइल भी शामिल हैं

ईरान की अर्थव्यवस्था पहले से ही अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से जूझ रही है। यूरोप के इस कदम से उस पर और दबाव बढ़ेगा। बृहस्पतिवार को ईरान की मुद्रा रियाल गिरकर रिकॉर्ड निचले स्तर 16 लाख प्रति डॉलर पर पहुंच गई। इन्ही आर्थिक संकटों के कारण वहां विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे जो बाद में सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन में बदल गए हैं।

यूरोपीय संघ की विदेश एवं सुरक्षा मामलों की प्रमुख काजा कलास ने पत्रकारों से कहा कि यह ‘संभावित’ है कि प्रतिबंध लगाए जाएंगे।

उन्होंने कहा, ”इससे उन्हें अल-क़ायदा, हमास, आईएस की श्रेणी में डाला जाएगा। यदि आप आतंकवादी की तरह कार्य करते हैं, तो आपको आतंकवादी ही माना जाना चाहिए।”

ईरान ने फिलहाल तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की।

भाषा प्रचेता पवनेश

पवनेश


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