काठमांडू, 28 अगस्त (भाषा) नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित कई लोगों के परिजनों, पुजारियों और श्रद्धालुओं ने शुक्रवार को काठमांडू के महाकाल शनि भगवान मंदिर में उन लोगों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की, जिनकी इस त्रासदी में जान चली गई।
शुक्रवार का दिन श्रावण पूर्णिमा का विशेष दिन भी है और इसी दिन रक्षाबंधन का त्योहार भी मनाया जा रहा है।
बुधवार को अचानक आई बाढ़ से कई कस्बे और गांव तबाह हो गए, पुल बह गए और कई जलविद्युत परियोजनाएं ठप पड़ गईं। बाढ़ के बाद तलाश एवं बचाव अभियान के दौरान और शव बरामद होने से मृतकों की संख्या शुक्रवार को बढ़कर 538 हो गई।
इस हिमालयी देश के आपदा से जूझने के बीच यहां महाकाल शनि भगवान मंदिर में माहौल गमगीन था।
आपदा से प्रभावित कई लोगों के परिवार वालों और श्रद्धालुओं ने लापता लोगों के सुरक्षित लौटने की कामना की।
पुजारी सुरेश ने कहा, ‘‘यह मंदिर खास तौर पर महाकाल मंदिर है। लोग यहां अपने परिवार में शांति और मुश्किलों या बुरे समय से सुरक्षा के लिए प्रार्थना करने आते हैं। अभी, बाढ़ में जान गंवाने वालों को यहां याद किया जा रहा है और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की जा रही है।’’
उन्होंने ‘पीटीआई-वीडियो’ सेवा को बताया, ‘‘हम उन लोगों की भलाई और सुरक्षा के लिए भी प्रार्थना कर रहे हैं जो बच गए हैं।’’
गोविंद सिंह नाम के व्यक्ति ने कहा, ‘‘यह भैरवनाथ का महाकाल मंदिर है। रसुवा में आई बाढ़ से हमें बहुत दुख हुआ है। हम उन सभी की आत्मा की शांति की भगवान से प्रार्थना करते हैं जिनकी इस आपदा में जान चली गई है।’’
भाषा
शफीक माधव
माधव