सूडान में जारी युद्ध में लड़ाकों पर महिलाओं का अपहरण करके बलात्कार का आरोप
सूडान में जारी युद्ध में लड़ाकों पर महिलाओं का अपहरण करके बलात्कार का आरोप
खार्तूम, तीन जून (एपी) गंभीर रूप से प्रताड़ित और दुष्कर्म पीड़ित एक महिला ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि दो दिनों तक भूखे-प्यासे, नग्न स्थिति में रखने के बाद उसके अपहरणकर्ताओं ने उसे एक फोन थमाया।
महिला के अनुसार, अपहरणकर्ताओं ने उससे कहा, ‘अपने दोस्तों और परिजनों को फोन करो। उनसे कहो कि वे तुम्हारी रिहाई की कीमत चुकाएं, वरना तुम्हें जान से मार दिया जाएगा।’
पीड़िता वर्तमान में राजधानी खार्तूम में सुरक्षित स्थान पर है।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, कई महिलाओं को यौन उत्पीड़न के लिए गुलाम बनाकर रखा गया और उनकी रिहाई के बदले जबरन फिरौती वसूली गई।
‘एपी’ ने ऐसी तीन महिलाओं से मुलाकात की जिन्होंने बताया कि उनका अपहरण किया गया, उन्हें गुलाम बनाकर रखा गया और उन्हें अपनी रिहायी के बदले फिरौती का भुगतान करना पड़ा। हालांकि, ‘एपी’ उनके बयानों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका।
तीनों महिलाओं ने इसके लिए अर्धसैनिक बल ‘रैपिड सपोर्ट फोर्सेज’ (आरएसएफ) को जिम्मेदार ठहराया है, जो सूडान की सेना के खिलाफ युद्ध लड़ रहा है।
संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों ने संबद्ध सशस्त्र गुटों सहित युद्ध में शामिल सभी पक्षों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं, लेकिन उनका कहना है कि इस प्रकार की अधिकांश हिंसा को आरएसएफ द्वारा अंजाम दिया गया है।
एपी प्रचेता अमित
अमित

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