(हरिंदर मिश्रा)
यरुशलम, एक मार्च (भाषा) इजराइल ने ईरान के लोगों से सड़कों पर उतरने और सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया, जबकि ईरान ने देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का बदला लेने की प्रतिबद्धता जताते हुए इसे ‘‘मुसलमानों के खिलाफ युद्ध की खुली घोषणा’’ बताया।
इजराइल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) ने शनिवार को तेहरान में हवाई हमले में खामेनेई के मारे जाने की औपचारिक रूप से घोषणा की। यह घटना इजराइल और अमेरिका द्वारा दिन में पहले ईरान पर संयुक्त हमले शुरू करने के कुछ घंटों बाद हुई।
रविवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किये गये फारसी भाषा के एक वीडियो में, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल ईरानी लोगों को ‘‘अत्याचार की बेड़ियों से मुक्त होने’’ के लिए माहौल बनाने का प्रयास कर रहा है।
नेतन्याहू ने कहा, ‘‘यह एक ऐसा मौका है, जो पीढ़ी में केवल एक बार आता है। निष्क्रिय मत बैठो, क्योंकि आपका समय जल्द ही आयेगा।’’
उन्होंने आग्रह किया, ‘‘जिस मदद का आप लंबे समय से इंतजार कर रहे थे, वह आ गई है। यह ऐतिहासिक मिशन के लिए एकजुट होने और अपने भविष्य को सुरक्षित करने का समय है।’’
नेतन्याहू का बयान शनिवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की घोषणा जैसा था।
युद्ध अभियानों की शुरुआत की घोषणा करते हुए एक वीडियो में, ट्रंप ने ईरानी लोगों से कहा था, ‘‘जब हम अपना काम पूरा कर लेंगे, तो अपनी सरकार पर कब्जा कर लेना। यह आपकी होगी। शायद पीढ़ियों तक यही आपका एकमात्र मौका होगा।’’
दूसरी ओर, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने शनिवार को हुए इजराइली हमले को ‘‘मुसलमानों के खिलाफ युद्ध की खुली घोषणा’’ करार दिया।
‘स्काई न्यूज’ ने ईरान के राष्ट्रपति के हवाले से एक बयान में कहा है कि खामेनेई की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों से बदला लेना तेहरान का ‘‘वैध अधिकार और कर्तव्य’’ है।
इसमें कहा गया है कि वह ‘‘इस महान जिम्मेदारी और मिशन’’ को पूरा करने की दिशा में काम करेगा।
भाषा
देवेंद्र दिलीप
दिलीप