Ayatullah Khamenei Murder Planning || Image- Clash Report File
तेहरान: इजरायल-अमेरिका के संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई की दर्दनाक मौत हो गई है। खामेनेई की मौत के बाद ईरान भड़क उठा है, वहीं दुनियाभर में फैले मुस्लिमों के शिया समुदाय में इस हमले को लेकर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ भारी गुस्सा देखा जा रहा है। (Ayatullah Khamenei Murder Planning) भारत के अलग-अलग राज्यों में इन हमलों के विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं, तो पाकिस्तान में अमेरिकी दूतावास में घुसपैठ करने वाले 10 लोगों को मार गिराया गया है।
हालांकि इस बीच हर कोई जानना चाहता है कि ईरान के मोस्ट वीआईपी लीडर अयातुल्लाह खामेनेई को आखिर इजरायल और अमेरिका ने किस तरह अपना निशाना बनाया? आखिर कैसे तमाम कोशिशों के बाद भी ईरानी सेना अपने सुप्रीम लीडर की हिफाजत नहीं कर पाई? बहरहाल, इस हमले को लेकर कई बड़े और सनसनीखेज खुलासे किए जा रहे हैं।
दरअसल, इंटरनेशनल मीडिया ने दावा किया है कि कई महीनों तक ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की गतिविधियों पर नजर रखने के बाद सीआईए ने इजरायल को उनका पता लगाने में मदद की थी। (Ayatullah Khamenei Murder Planning) अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को पता चला कि वह शनिवार को तेहरान में एक सरकारी परिसर में शीर्ष ईरानी अधिकारियों की बैठक में शामिल होंगे। अमेरिका और इजरायल ने इस बैठक को निशाना बनाने के लिए अपने नियोजित हमले का समय बदल दिया। इजरायली जेट विमानों ने सटीक लंबी दूरी की मारक क्षमता का उपयोग करते हुए हमला किया, जिसमें खामेनेई और कई वरिष्ठ सैन्य और सुरक्षा अधिकारी मारे गए।
मध्य-पूर्व में इजरायल और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका-इजराइल के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। इस घोषणा के बाद ईरान सरकार ने देशभर में 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक और सात दिनों के सार्वजनिक अवकाश का ऐलान किया है। सरकारी एजेंसियों के मुताबिक 28 फरवरी 2026 की सुबह तेहरान स्थित खामेनेई के आवास और कार्यालय परिसर को निशाना बनाकर हमला किया गया था। शुरुआत में ईरान ने इन दावों को खारिज किया था लेकिन बाद में आधिकारिक बयान जारी कर 86 वर्षीय खामेनेई के “शहीद” होने की पुष्टि की गई।
The CIA helped Israel locate Iran’s Supreme Leader, Ayatollah Ali Khamenei, after months of tracking his movements.
U.S. intelligence discovered he would attend a Saturday meeting of top Iranian officials at a government compound in Tehran.
The United States and Israel… pic.twitter.com/2yohtkboQu
— Clash Report (@clashreport) March 1, 2026
अयातुल्लाह ख़ामेनेई की मौत पर सबसे ज्यादा गुस्सा भारत में मुस्लिमों के शिया समुदाय में देखने को मिल रहा है। श्रीनगर से लेकर लखनऊ टाक इजरायल और अमेरिका के विरोध में प्रदर्शन हो रहें है। ख़ामेनेई के मौत पर AIMIM के शीर्ष नेता असदुद्दीन ओवैसी की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। असदुद्दीन ओवैसी ने एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि, “ईरान के एक सम्मानित नेता, अयातुल्ला खामेनेई मारे गए, ईरानी ज़रूर बदला लेंगे। (Ayatullah Khamenei Murder Planning) जब जिनेवा में शांति वार्ता चल रही थी, तब हमला किया गया। यह एक कायरतापूर्ण और अमानवीय हमला है। अगर यह युद्ध जारी रहा, तो तेल की कीमतें बढ़ेंगी और $1 के अंतर का भी भारतीय अर्थव्यवस्था पर बहुत बड़ा असर पड़ेगा।”
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद भारत के भी कई राज्यों में मुस्लिमों में शोक का माहौल है। ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने अमेरिका-इजराइल के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने पर शोक और आक्रोश जताया है। ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड की तरफ से रविवार रात लखनऊ स्थित छोटा इमामबाड़ा में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया जाएगा, वहीं सुन्नी मस्जिदों में भी खामेनेई के लिए ईसाल-ए-सवाब (मृतक के लिए विशेष दुआ) और युद्ध रोकने के लिए भी दुआ की जाएगी।
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की कार्यकारिणी समिति के वरिष्ठ सदस्य लखनऊ के शहर काजी मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने खामेनेई की हत्या के लिए अमेरिका और इजराइल की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजराइल ने जिस तरह से अंतरराष्ट्रीय कानून की धज्जियां उड़ाते हुए रमजान माह में ईरान पर हमला किया,उसकी पूरी दुनिया को निंदा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजराइल के इस कृत्य के खिलाफ पूरी दुनिया के मुसलमान एकजुट हैं और ईरान में सुन्नियों की मस्जिदों पर हो रहे हमलों को रोकने और खामेनेई के लिए खास दुआ की जाएगी।
शिया मुसलमान के एक अन्य प्रमुख धर्म गुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने खामेनेई की हत्या को ‘‘सदी की सबसे अफसोसजनक घटना’’ बताते हुए कहा कि यह सिर्फ मुसलमानों का ही नहीं बल्कि पूरी इंसानियत का भी नुकसान है। (Ayatullah Khamenei Murder Planning) उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जब गाजा के मुसलमानों पर इजराइल के जुल्म के खिलाफ बाकी दुनिया खामोश थी, तब खामेनेई ने ही उनकी आवाज उठाई, इसीलिए ये देश उनके दुश्मन बन गए। मौलाना जव्वाद ने कहा कि शिया समुदाय तीन दिन का शोक मनाएगा और रविवार रात आठ बजे लखनऊ स्थित छोटा इमामबाड़ा के सामने एक जलसा किया जाएगा, साथ ही कैंडल मार्च निकाला जाएगा।
शिया समुदाय के एक अन्य प्रमुख धर्म गुरु मौलाना सैफ अब्बास नकवी ने खामेनेई की मौत पर शोक प्रकट करते हुए कहा कि आज का दिन पूरी दुनिया के मुसलमान के लिए बहुत गम का दिन है। उन्होंने कहा कि खामेनेई ने किसी एक तबके की नहीं बल्कि पूरी दुनिया के मुसलमानों के हित की बात की और पूरी दुनिया ने यह भी देखा कि वह किस तरह से इजराइल के जुल्म के शिकार फलस्तीन के मजलूम लोगों के साथ खड़े थे। नकवी ने कहा कि पूरी दुनिया के लोगों को खामेनेई की मौत पर शोक प्रकट करना चाहिए क्योंकि वह ऐसे नेता थे जिन्होंने पूरी दुनिया में अमन और शांति की बात की थी।