क्रूज जहाज से निकाले गए फ्रांसीसी और अमेरिकी यात्री हंता वायरस से संक्रमित
क्रूज जहाज से निकाले गए फ्रांसीसी और अमेरिकी यात्री हंता वायरस से संक्रमित
द हेग, 11 मई (एपी) एक क्रूज जहाज से सुरक्षित निकाली गई एक फ्रांसीसी महिला ‘हंता वायरस’ से संक्रमित पाई गई है। फ्रांस की स्वास्थ्य मंत्री स्टेफनी रिस्ट ने सोमवार को बताया कि अस्पताल में रात भर महिला की स्थिति नाजुक बनी रही।
यह महिला उन पांच फ्रांसीसी यात्रियों में शामिल थी, जिन्हें रविवार को ‘एमवी होंडियस’ क्रूज जहाज से निकालकर विमान द्वारा वापस पेरिस लाया गया था। रिस्ट ने सार्वजनिक प्रसारक ‘फ्रांस-इंटर’ को बताया कि पेरिस की उड़ान के दौरान ही महिला में संक्रमण के लक्षण विकसित हो गए थे।
अमेरिकी स्वास्थ्य अधिकारियों ने रविवार देर रात बताया कि जहाज से सुरक्षित निकाले गए और नेब्रास्का भेजे गए 17 अमेरिकी यात्रियों में से एक व्यक्ति हंता वायरस से संक्रमित पाया गया है, हालांकि उसमें बीमारी के कोई लक्षण नहीं दिख रहे हैं। एक अन्य यात्री में हल्के लक्षण पाए गए हैं। यह विमान सोमवार सुबह अमेरिका पहुंचा।
अमेरिकी यात्रियों को सबसे पहले यूनिवर्सिटी ऑफ नेब्रास्का मेडिकल सेंटर ले जाया जाएगा। यहां उन्हें संघीय पृथक-वास (क्वारंटीन) केंद्र में रखा जाएगा ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए हैं या नहीं और उनसे वायरस फैलने का खतरा कितना है।
स्पेन के कैनरी द्वीप समूह में जहाज के पहुंचने के बाद रविवार को यात्रियों को सैन्य और सरकारी विमानों से उनके देशों के लिए रवाना किया गया। टेनेरिफ में सुरक्षात्मक सूट और मास्क पहने कर्मियों ने यात्रियों को जहाज से तट तक पहुंचाया। निकासी का यह अभियान सोमवार को भी जारी रहा।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इन यात्रियों की कड़ी निगरानी की सिफारिश की है।
इससे पहले, स्पेनिश स्वास्थ्य मंत्रालय और ‘एमवी होंडियस’ क्रूज संचालक कंपनी ‘ओशनवाइड एक्सपीडिशन्स’ के अधिकारियों ने कहा था कि जहाज पर सवार 140 से अधिक लोगों में से किसी में भी संक्रमण के लक्षण नहीं दिखे हैं।
हंता वायरस के प्रकोप की शुरुआत से अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है और जहाज से पहले उतरे पांच अन्य लोग संक्रमित पाए गए थे।
हंता वायरस आमतौर पर कृंतकों (चूहों आदि) के मलमूत्र से फैलता है और यह मनुष्यों के बीच आसानी से प्रसारित नहीं होता। हालांकि, इस जहाज पर पाए गए ‘एंडीज वायरस’ के बारे में माना जाता है कि यह दुर्लभ मामलों में इंसानों से इंसानों में फैल सकता है। इसके लक्षण संपर्क में आने के एक से आठ सप्ताह के भीतर दिखाई देते हैं।
एपी सुमित मनीषा
मनीषा

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