हिज्बुल्ला ने इजराइल के खिलाफ छोटे आकार के ड्रोन के रूप में नया हथियार इस्तेमाल किया

हिज्बुल्ला ने इजराइल के खिलाफ छोटे आकार के ड्रोन के रूप में नया हथियार इस्तेमाल किया

हिज्बुल्ला ने इजराइल के खिलाफ छोटे आकार के ड्रोन के रूप में नया हथियार इस्तेमाल किया
Modified Date: April 30, 2026 / 01:46 pm IST
Published Date: April 30, 2026 1:46 pm IST

तेल अवीव, 30 अप्रैल (एपी) हिजबुल्ला ने उत्तरी इजराइल में युद्ध के लिए एक नए हथियार के रूप में छोटे आकार के ड्रोन का इस्तेमाल किया है, जिन्हें बहुत अधिक पतली ‘फाइबर-ऑप्टिक’ तार द्वारा नियंत्रित किया जाता है और ये इलेक्ट्रॉनिक निगरानी से भी बचते हैं।

यूक्रेन युद्ध में व्यापक रूप से इस्तेमाल किए गए ये ड्रोन आकार में छोटे हैं, जिनका पता लगाना मुश्किल हो जाता है और ये बहुत घातक हैं।

कई ड्रोन हवाई सुरक्षा प्रणालियों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक ‘जैमिंग’ (सिग्नल बाधित) के प्रति संवेदनशील होते हैं। ‘जैमिंग’ के कारण ड्रोन दुर्घटनाग्रस्त हो सकता है या अपने मूल स्थान पर वापस लौट सकता है।

लेकिन ‘फाइबर-ऑप्टिक’ ड्रोन को रिमोट से नियंत्रित नहीं किया जाता। इनमें एक पतली तार होती है जो ऑपरेटर को सीधे ड्रोन से जोड़ती है, जिससे इलेक्ट्रॉनिक रूप से इसे रोकना असंभव हो जाता है।

लंदन के ‘रॉयल यूनाइटेड सर्विसेज इंस्टीट्यूट’ में ड्रोन विशेषज्ञ व शोधकर्ता रॉबर्ट टोलस्ट ने यह समझाया कि ड्रोन कैसे कम ऊंचाई पर उड़ सकता है और लक्ष्य के करीब चुपके से पहुंच सकता है। उन्होंने यह समझाते हुए कहा, ‘‘अगर आपको पता है कि आप क्या कर रहे हैं, तो यह बिल्कुल घातक हैं।’’

विशेषज्ञों का कहना है कि सेनाओं को या तो ड्रोन को रोकना होगा या लगभग अदृश्य तारों को काटने का कोई तरीका खोजना होगा।

ड्रोन को रोकना उनके छोटे आकार और कम उड़ान मार्ग के कारण मुश्किल है।

लेबनान में ईरान समर्थित चरमपंथी समूह हिजबुल्ला, अधिकतर दक्षिणी लेबनान में या सीमावर्ती कस्बों में तैनात इजराइली सैनिकों पर हमले के लिए ‘फाइबर ऑप्टिक’ ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है।

एपी यासिर मनीषा

मनीषा


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