बांग्लादेश में धमकियां मिलने की खबरों के बीच हिंदू कारोबारी, उसकी परिवार के चार सदस्य लापता
बांग्लादेश में धमकियां मिलने की खबरों के बीच हिंदू कारोबारी, उसकी परिवार के चार सदस्य लापता
ढाका, 26 अगस्त (भाषा) बांग्लादेश के चांदपुर जिले में एक हिंदू कारोबारी को अज्ञात लोगों से धमकियां मिलने की खबरों के बीच वह और उसके परिवार के चार सदस्य लापता हैं।
समाचार पोर्टल ‘बीडीन्यूज डॉट कॉम’ ने पुलिस के हवाले से बताया कि दुकान चलाने और सोने के आभूषण गिरवी रखकर कर्ज देने का काम करने वाले पिंटू दास, उनकी पत्नी, दो किशोर बेटे और उनके परिवार का एक अन्य सदस्य 20 अगस्त से लापता हैं।
चांदपुर मॉडल पुलिस थाने के प्रभारी फोयेज अहमद ने कहा, ‘‘मुझे पता चला है कि पिंटू दास और उनके परिवार के चार सदस्य 20 अगस्त से लापता हैं।’’
अहमद के अनुसार, आरोप हैं कि कई लोगों को दास के पास गिरवी रखे अपने सोने के आभूषण वापस नहीं मिले हैं। उन्होंने साथ ही कहा कि परिवार के लापता होने से जुड़ी परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
अहमद ने कहा, ‘‘जांच के बाद ही हम इसकी पुष्टि कर पाएंगे कि पिंटू दास और उनके परिवार के सदस्य अपनी मर्जी से कहीं छिप गए हैं या उनके साथ कुछ और हुआ है।’’
हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद (एचबीसीयूसी) की चांदपुर इकाई की नेता और दास की रिश्तेदार उपमा डे ने बताया कि दास शहर में किराए के मकान में रहते हैं तथा वह, उनकी पत्नी और दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले उनके दो बेटे लापता हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने सुना है कि वह कर्ज के बोझ तले दबे थे और इसी कारण उन्हें धमकियां मिली थीं।’’
डे ने बताया कि दास का पैतृक घर दक्षिण-पूर्वी चट्टोग्राम (चटगांव) में है।
बांग्लादेश के रंगपुर में पिछले सप्ताह एक सेवानिवृत्त हिंदू शिक्षक और उनके परिवार के तीन सदस्यों की हत्या के बाद देश में हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंता फिर बढ़ गई है।
पुलिस ने पिछले बृहस्पतिवार रंगपुर में 65 वर्षीय गणपति चक्रवर्ती, उनकी पत्नी प्रीतिलता (50) तथा उनकी बेटी एवं बेटे की उनके घर में हुई हत्या के मामले में दो कथित नशेड़ियों को मुख्य संदिग्ध के रूप में गिरफ्तार किया है। इन चारों के शव बंद मकान से दो दिन बाद बरामद किए गए थे।
अमेरिका स्थित ‘ह्यूमन राइट्स कांग्रेस फॉर बांग्लादेश माइनॉरिटीज’ (एचआरसीबीएम) की जुलाई में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की पहली छमाही में बांग्लादेश के 64 में से 63 जिलों में मानवाधिकार उल्लंघन की 824 पुष्ट घटनाएं हुईं।
रिपोर्ट में कहा गया कि धार्मिक अल्पसंख्यकों के 142 मंदिरों पर हमले किए गए, 209 घरों और कारोबारी प्रतिष्ठानों में लूटपाट हुई तथा उनकी जमीन पर जबरन कब्जा किए जाने की 73 घटनाएं सामने आईं।
भाषा सिम्मी माधव
माधव

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