इस्लामाबाद/लाहौर, 20 अगस्त (भाषा) पाकिस्तान सरकार ने उच्चतम न्यायालय में बृहस्पतिवार को एक पुनर्विचार याचिका फिर से दायर की, जिसमें जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने के अदालत के आदेश में संशोधन करने का आग्रह किया गया।
शीर्ष अदालत ने मंगलवार को निर्देश दिया था कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के 73 वर्षीय संस्थापक को “अगले दो दिन के भीतर” इस्लामाबाद के ‘शिफा इंटरनेशनल अस्पताल’ ले जाया जाए और 16 सितंबर के लिए निर्धारित अगली सुनवाई तक उन्हें वहीं रखा जाए।
सरकार ने पहले कहा था कि वह अदालत के आदेश को लागू करेगी, लेकिन बाद में शीर्ष अदालत में याचिका दायर कर आदेश पर पुनर्विचार और उसे वापस लेने का अनुरोध किया।
खबरों के अनुसार, अदालत के रजिस्ट्रार कार्यालय ने कागजात का पूरा संकलन नहीं होने का हवाला देते हुए सरकार की याचिका लौटा दी।
संसदीय भवन के बाहर प्रधानमंत्री के राजनीतिक मामलों के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘सरकार ने फिर से पुनर्विचार याचिका दायर की है।’’
सनाउल्लाह ने यह भी कहा कि शीर्ष अदालत द्वारा खान को दी गई राहत कानून के मुताबिक नहीं थी।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब खान को अस्पताल में स्थानांतरित करने की अदालत की समयसीमा आज रात 12 बजे समाप्त हो रही है।
हालांकि, सनाउल्लाह ने दावा किया कि खान को अस्पताल स्थानांतरित करने की कोई समयसीमा नहीं है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने पुनर्विचार याचिका दायर की है और इस पर ‘‘आज या कल’’ फैसला लिया जा सकता है, जिसके बाद स्थिति अधिक स्पष्ट हो जाएगी।
इस बीच, निजी मीडिया संस्थान ने खबर में बताया कि सरकार टकराव से बचने के लिए समयसीमा खत्म होने से पहले खान को स्थानांतरित कर सकती है।
इससे पहले, ‘पीटीआई’ के महासचिव सलमान अकरम राजा ने कहा कि आपत्तियां उठाए जाने के बाद सरकार ने पुनर्विचार याचिका वापस ले ली।
उन्होंने कहा, “18 अगस्त के उच्चतम न्यायालय के आदेश का पालन न करने का कोई बहाना नहीं है। इमरान खान साहब को तत्काल शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाया जाना चाहिए। आज ही वह दिन है।”
न्यायमूर्ति शाहिद वहीद की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने अंतरिम निर्देश जारी किए थे और खान को अस्पताल भेजने की समयसीमा बृहस्पतिवार आधी रात को समाप्त हो जाएगी।
खान की पार्टी ने चेतावनी दी है कि अगर उन्हें बृहस्पतिवार रात 11 बजकर 59 मिनट तक अस्पताल में भर्ती नहीं कराया गया तो वह शुक्रवार को सरकार के खिलाफ अदालत की अवमानना की याचिका दायर करेगी।
यह चेतावनी शीर्ष अदालत द्वारा सरकार की पुनर्विचार याचिका लौटाए जाने के कुछ घंटे बाद दी गई।
अदालत का यह आदेश खान के परिवार और समर्थकों की ओर से कई महीनों से उनकी सेहत को लेकर जताई जा रही चिंता और उन्हें पर्याप्त चिकित्सा सुविधा नहीं दिए जाने के बार-बार लगाए गए आरोपों के बाद आया था।
खान के मामले में उनकी आंख की बीमारी प्रमुख चिंताओं में से एक रही है। पूर्व क्रिकेटर से राजनेता बने खान को दाहिनी आंख की केंद्रीय रेटिनल शिरा में रक्त प्रवाह बाधित होने की बीमारी का पता जनवरी के अंत में चलने के बाद पिछले कुछ महीनों में कई बार इस्लामाबाद स्थित पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ले जाया गया था।
इसके बाद से उन्हें निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की मांग तेज हो गई। उनके रिश्तेदारों और पार्टी सहयोगियों ने बार-बार मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया है और अधिकारियों पर उन्हें पर्याप्त चिकित्सा सुविधा, परिवार से मुलाकात और कानूनी सलाहकारों तक पहुंच सीमित करने का आरोप लगाया है।
भाषा खारी संतोष
संतोष