Amravati Horror School : किसी को सुनाई घुंघरुओं की आवाज, कोई अचानक रोने लगा… ‘भूत’ के डर से 608 बच्चे स्कूल छोड़कर भागे! यहां से सामने आया हैरान कर देने वाला मामला

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महाराष्ट्र के अमरावती जिले के मेलघाट इलाके में एक सरकारी आश्रम स्कूल में बच्चों के अचानक रोने, हंसने और सुन्न पड़ने के बाद ‘भूत-प्रेत’ की अफवाह फैल गई। डर के कारण करीब 608 छात्र घर लौट गए। जांच के बाद डॉक्टरों ने इसे ‘मास साइकोजेनिक इलनेस’ बताया और भूत-प्रेत की बात को खारिज किया।

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  • Publish Date - August 20, 2026 / 10:46 PM IST,
    Updated On - August 20, 2026 / 11:00 PM IST

Amravati Horror School : Image Source : AI

HIGHLIGHTS
  • ‘भूत-प्रेत’ की अफवाह के बाद करीब 608 छात्र स्कूल छोड़कर घर लौटे
  • करीब 16 बच्चों में अचानक रोने, हंसने और सुन्न पड़ने जैसे लक्षण दिखे
  • डॉक्टरों ने अंधविश्वास को खारिज कर ‘मास साइकोजेनिक इलनेस’ की बात कही

अमरावती: Amravati Horror School :  महाराष्ट्र के अमरावती जिले के आदिवासी बहुल मेलघाट इलाके से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। डोमा गांव स्थित एक सरकारी आश्रम स्कूल में कुछ छात्राओं के अचानक रोने, हंसने और सुन्न पड़ जाने के बाद डर का माहौल बन गया। स्कूल परिसर में ‘भूत-प्रेत’ की अफवाह फैलने के कारण करीब 608 छात्र अपने-अपने घर लौट गए, जिसके बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमों को मौके पर पहुंचना पड़ा।

क्या है पूरा मामला ?

मिली जानकारी के अनुसार घटना की शुरुआत लगभग एक सप्ताह पहले हुई थी, जब करीब 16 बच्चों में यह असामान्य व्यवहार देखा गया। कुछ छात्रों ने दावा किया कि उन्हें घुंघरुओं की आवाजें सुनाई देती हैं, जिसके बाद अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल से निकाल लिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तालुका चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिषेक नायडू और डॉक्टरों की टीम ने जांच की।

डॉक्टरों ने बताया ये कारण

डॉक्टरों ने इसे अंधविश्वास की जगह ‘मास साइकोजेनिक इलनेस’ बताया, जो घबराहट और अवसाद के कारण एक-दूसरे से फैलता है। Ghost Sounds Hostel इस घटना ने स्कूल की बदहाल व्यवस्थाओं, जैसे क्षमता से अधिक बच्चों का रहना, खराब खाना और काउंसलिंग की कमी को भी उजागर किया है।

भूत प्रेत की बात को किया ख़ारिज

आदिवासी आयुक्त लीना राठौड़ ने गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को काउंसलिंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, ‘अखिल भारतीय अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति’ की टीम ने भी स्कूल पहुंचकर बच्चों और अभिभावकों की काउंसलिंग की और महुआ का पेड़ काटे जाने से जुड़ी भूत-प्रेत की भ्रामक अफवाहों को खारिज किया।

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