भारत ने लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षकों पर हमले की निंदा की
भारत ने लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षकों पर हमले की निंदा की
(योषिता सिंह)
संयुक्त राष्ट्र, पांच जून (भाषा) भारत ने लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षकों पर हुए उस हमले की निंदा की है जिसमें सर्बिया के एक शांतिरक्षक की मौत हो गई और दो अन्य शांतिरक्षक घायल हो गए।
भारत ने हमले की तत्काल और गहन जांच कर दोषियों को न्याय के कठघरे में लाए जाने की मांग की है।
लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (यूएनआईएफआईएल) में तैनात सर्बियाई शांतिरक्षक सार्जेंट मिलोवान जोवानोविक की बुधवार को उस समय मौत हो गई जब ‘सेक्टर ईस्ट’ स्थित मारजियुन के पास संयुक्त राष्ट्र की एक चौकी पर मोर्टार गोला गिरा।
संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि स्पेन एवं अल सल्वाडोर के दो अन्य शांतिरक्षक घायल हुए हैं और दक्षिणी लेबनान में यूएनआईएफआईएल के चिकित्सा केंद्र में उनका उपचार किया जा रहा है।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत हरीश पर्वतनेनी ने बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हम इस निंदनीय हमले में मारे गए यूएनआईएफआईएल के सर्बियाई ‘ब्लू हेल्मेट’ के परिवार और सर्बिया के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हैं।’’
‘ब्लू हेल्मेट’ से आशय संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षा बलों की अभियानगत कमान के तहत सेवा दे रहे सैन्यकर्मियों, पुलिस अधिकारियों और असैन्य विशेषज्ञों से है।
भारतीय राजदूत ने घायल शांतिरक्षकों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षकों की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एकजुट होना चाहिए।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने एक बयान जारी कर हमले की निंदा की, मारे गए शांतिरक्षक को श्रद्धांजलि दी और घायल कर्मियों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
मिशन ने हमले की तत्काल और गहन जांच कर दोषियों को न्याय के कठघरे में लाए जाने तथा पूर्ण जवाबदेही सुनिश्चित किए जाने की मांग की।
बयान में कहा गया, ‘‘हम सभी पक्षों से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के आदेशों के तहत काम कर रहे संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान करते हैं।’’
भारत ने शांतिरक्षकों के खिलाफ अपराधों के लिए जवाबदेही से संबंधित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2589 का पूर्ण पालन करने का भी आग्रह किया। यह प्रस्ताव अगस्त 2021 में परिषद की भारत की अध्यक्षता के दौरान स्वीकार किया गया था।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने भी हमले की निंदा करते हुए कहा कि शांतिरक्षकों पर हमलों की तुरंत जांच होनी चाहिए तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अभियोजन चलाकर जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
भाषा
सिम्मी वैभव
वैभव

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