भारत ने अमेरिका-ईरान शांति समझौते से पश्चिम एशिया में स्थायी शांति कायम होने की जताई उम्मीद
भारत ने अमेरिका-ईरान शांति समझौते से पश्चिम एशिया में स्थायी शांति कायम होने की जताई उम्मीद
पेरिस, 18 जून (भाषा) भारत ने अमेरिका-ईरान शांति समझौते का बृहस्पतिवार को स्वागत करते हुए कहा कि वह पश्चिम एशिया में अपने सहयोगी देशों के साथ लगातार संपर्क में है और क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता बनाए रखने के लिए ‘‘आगे की प्रक्रिया’’ में रचनात्मक योगदान देने को तैयार है।
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने प्रेस वार्ता में कहा कि भारत ने हमेशा विवाद को सुलझाने के लिए बातचीत और कूटनीति पर जोर दिया है और उसे उम्मीद है कि अमेरिका-ईरान के बीच बनी समझ से लंबे समय तक शांति बनी रहेगी।
मिसरी ने कहा कि जी7 संपर्क बैठकों और कई विश्व नेताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की द्विपक्षीय बातचीत में पश्चिम एशिया की स्थिति पर खास तौर पर बात हुई। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में स्थायी शांति और सुरक्षा स्थापित होते देखने की भारत की इच्छा व्यक्त की।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने शांति के लिए एक अहम समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत सभी सैन्य गतिविधियों को तुरंत रोकने, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी हटाने पर सहमति बनी है।
मिसरी ने कहा कि भारत इस संघर्ष में शामिल या इससे प्रभावित ज़्यादातर मुख्य पक्षों के साथ लगातार संपर्क में है। उन्होंने कहा, ‘‘हम उन सभी सहयोगियों के साथ बहुत करीबी संपर्क में हैं और क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता बनाए रखने के लिए आगे की प्रक्रिया में रचनात्मक योगदान देने को तैयार हैं।’’
मिसरी ने कहा, ‘‘अमेरिका और ईरान के बीच समझौते का भारत स्वागत करता है और उम्मीद करता है कि इस क्षेत्र में जल्द ही शांति और स्थिरता लौटेगी।’’
भाषा आशीष शफीक
शफीक

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