भारत, जमैका कारोबार, कुशल पेशोवरों के आवागमन को बढ़ावा देने पर सहमत: जयशंकर

भारत, जमैका कारोबार, कुशल पेशोवरों के आवागमन को बढ़ावा देने पर सहमत: जयशंकर

भारत, जमैका कारोबार, कुशल पेशोवरों के आवागमन को बढ़ावा देने पर सहमत: जयशंकर
Modified Date: May 5, 2026 / 04:20 pm IST
Published Date: May 5, 2026 4:20 pm IST

(फोटो के साथ)

किंग्सटन, पांच मई (भाषा) विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत और जमैका व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने तथा स्वास्थ्यकर्मियों और शिक्षकों सहित कुशल पेशेवरों की भर्ती एवं दोनों देशों में उनके आवागमन को बढ़ावा देने के लिए सहयोग की संभावनाओं को तलाशने पर सहमत हुए हैं।

जमैका की अपनी समकक्ष कामिना जे स्मिथ के साथ सोमवार को हुई बातचीत के बाद यहां संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा कि चर्चा व्यापक थी और इसमें द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की गई, साथ ही साझेदारी को गहरा करने के नए रास्ते भी तलाशे गए।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए और डिजिटल परिवर्तन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, खेल और डिजिटल भुगतान के क्षेत्रों में हाल में संपन्न हुए समझौता ज्ञापनों के प्रभावी कार्यान्वयन पर चर्चा की ताकि जमीनी स्तर पर ठोस परिणाम सुनिश्चित किए जा सकें।’’

जयशंकर ने कहा कि भारत व्यापार और निवेश के लिए कैरेबियाई क्षेत्र के प्रवेश द्वार के रूप में और साजो सामान केंद्र के रूप में जमैका की बढ़ती भूमिका को मान्यता देता है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम व्यापार, व्यवसाय और निवेश संबंधों को और मजबूत करने, नर्सों, स्वास्थ्यकर्मियों और शिक्षकों सहित कुशल पेशेवरों की भर्ती और आवागमन के लिए सहयोग के अवसरों की संभावनाओं का पता लगाने पर सहमत हुए हैं।’’

मंत्री ने बताया कि दोनों पक्षों ने रक्षा और सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा, डिजिटलीकरण, कृषि, शिक्षा एवं बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की।

विकास के क्षेत्र में सहयोग को संबंधों का एक प्रमुख स्तंभ बताते हुए जयशंकर ने मार्च 2026 में किटसन टाउन में ग्रामीण आजीविका सुधार परियोजना के सफलतापूर्वक पूरा होने का जिक्र किया, जिसे भारत-संयुक्त राष्ट्र विकास साझेदारी कोष के तहत 10 लाख अमेरिकी डॉलर की भारतीय सहायता से क्रियान्वित किया गया था। इससे 200 से अधिक व्यक्तियों को लाभ हुआ और हजारों अन्य लोग प्रभावित हुए।

उन्होंने कहा कि जमैका में कारीगर सशक्तिकरण केंद्र स्थापित करने की संभावना पर भी भारत चर्चा कर रहा है और उन्होंने तूफान ‘मेलिसा’ के बाद देश को इससे उबरने में अपना समर्थन दोहराया।

मानवीय सहायता के तहत भारत ने राहत सामग्री की आपूर्ति की है, एक चिकित्सा दल तैनात किया है और 30 डायलिसिस यूनिट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में है। इसके अलावा, भारत राहत कार्यों में सहायता के लिए 40 नौकाएं और 200 जीपीएस यूनिट भी भेज रहा है।

मंत्रियों ने बहुपक्षीय मंचों पर घनिष्ठ सहयोग की पुष्टि की और सुधारित बहुपक्षवाद, जलवायु न्याय तथा ‘ग्लोबल साउथ’ की प्राथमिकताओं जैसे मुद्दों पर चर्चा की।

भारत ने 2028-29 के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अस्थायी सीट को लेकर भारत की उम्मीदवारी का समर्थन करने की जमैका की सराहना की।

दोनों पक्षों ने आतंकवाद के सभी रूपों की कड़ी निंदा की और अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक सम्मेलन को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने का आह्वान किया।

जयशंकर ने दोनों देशों के लोगों के बीच बढ़ते संबंध पर भी प्रकाश डाला और जमैका में योग एवं आयुर्वेद की लोकप्रियता तथा देश के विकास में भारतीय प्रवासियों के योगदान का उल्लेख किया।

उन्होंने भारतीय विरासत दिवस के अवसर पर जमैका में भारतीयों के आगमन की 181वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित समारोहों के लिए 20 लाख जमैका डॉलर के योगदान की घोषणा की।

किंग्स्टन स्थित भारतीय उच्चायोग की वेबसाइट के अनुसार, जमैका में लगभग 70,000 भारतीय प्रवासी रहते हैं, जिनके पूर्वज मुख्यतः उत्तर प्रदेश और बिहार से 1845 से 1917 के बीच गिरमिटिया मजदूरों के रूप जमैका आए थे। कुछ दक्षिण भारत से भी आए थे।

जमैका की आबादी का लगभग तीन प्रतिशत हिस्सा भारतीय प्रवासी हैं और वे भारतीय संस्कृति, संगीत, नृत्य एवं इतिहास में गहरी रुचि रखते हैं, जो दोनों देशों के बीच एक सांस्कृतिक सेतु का काम करता है। जमैका में 10 मई को भारतीय विरासत दिवस के रूप में मनाया जाता है।

जयशंकर ने बाद में जमैका के उद्योग और व्यापार जगत के नेताओं से बातचीत की और वैश्विक स्तर पर साझेदारी में विविधता लाने के साथ-साथ आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

जयशंकर ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘‘वार्ता के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि हम सभी विविधता पर बल दे रहे हैं और विश्वसनीय साझेदारों की तलाश कर रहे हैं, ऐसे में भारत-जमैका व्यापार संबंधों को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता बढ़ जाती है।’’ उन्होंने यह भी कहा कि द्विपक्षीय और क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग की संभावनाओं को ‘‘और अधिक सक्रियता से तलाशा जाना चाहिए’’।

उन्होंने व्यापारिक नेताओं के साथ इस वार्ता का आयोजन करने के लिए उद्योग मंत्री ऑबिन हिल की सराहना भी की।

भारत के रणनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों को कैरेबियन देशों के साथ और मजबूत करने के उद्देश्य से जमैका, सूरीनाम और त्रिनिदाद एवं टोबैगो के अपने नौ दिवसीय तीन राष्ट्रों के दौरे के पहले चरण के तहत जयशंकर शनिवार को जमैका की राजधानी किंग्स्टन पहुंचे।

भाषा सुरभि पवनेश

पवनेश


लेखक के बारे में