भारत-उत्तरी मैसेडोनिया को 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखना चाहिए : मुर्मू

भारत-उत्तरी मैसेडोनिया को 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखना चाहिए : मुर्मू

भारत-उत्तरी मैसेडोनिया को 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखना चाहिए : मुर्मू
Modified Date: July 22, 2026 / 01:20 am IST
Published Date: July 22, 2026 1:20 am IST

(अश्विनी श्रीवास्तव)

स्कोप्ये, 21 जुलाई (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को कहा कि भारत और उत्तरी मैसेडोनिया को अपने आर्थिक संबंधों में विविधता लानी चाहिए और इस दशक के अंत तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय करना चाहिए।

भारत-उत्तरी मैसेडोनिया व्यापार मंच के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि दोनों देशों के बीच आर्थिक और व्यावसायिक संबंध एक ऐसा क्षेत्र है जिसकी संभावनाओं का दोहन अभी किया जाना बाकी है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारा द्विपक्षीय व्यापार लगातार सकारात्मक दिशा में बढ़ रहा है, लेकिन यह उस क्षमता का बहुत छोटा हिस्सा ही है जो हासिल की जा सकती है।’’

मुर्मू ने कहा कि भारत उत्तरी मैसेडोनिया को जैविक रसायन, उच्च-गुणवत्ता वाले लोहे और स्टील, इलेक्ट्रिकल मशीनरी और कपड़ा का निर्यात करता है, जबकि उत्तरी मैसेडोनिया उच्च-गुणवत्ता वाले संगमरमर का निर्यात करता है, जिसकी भारतीय बाज़ार में बहुत मांग है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें और विविधता लानी चाहिए और इस दशक के अंत तक अपने व्यापार की मात्रा को दोगुना करने का एक बड़ा लक्ष्य तय करना चाहिए।’’

राष्ट्रपति ने कहा कि व्यापार से आगे बढ़कर एक व्यापक आर्थिक साझेदारी की दिशा में बढ़ने के लिए, दोनों देशों को आपसी निवेश को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करना होगा।

उन्होंने कहा कि नए निवेश के लिए डिजिटल नवोन्मेष और कृत्रिम बुद्धिमत्ता, फार्मास्यूटिकल्स और स्वास्थ्य, कृषि प्रसंस्करण और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में असीम संभावनाएं हैं।

भाषा धीरज रंजन

रंजन


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