‘गैर-द्विआधारी’ पहचान रखने वाले भारतीय प्रवासी स्कॉटलैंड की संसद के लिए निर्वाचित

‘गैर-द्विआधारी’ पहचान रखने वाले भारतीय प्रवासी स्कॉटलैंड की संसद के लिए निर्वाचित

‘गैर-द्विआधारी’ पहचान रखने वाले भारतीय प्रवासी स्कॉटलैंड की संसद के लिए निर्वाचित
Modified Date: May 10, 2026 / 07:10 pm IST
Published Date: May 10, 2026 7:10 pm IST

(अदिति खन्ना)

लंदन, 10 मई (भाषा) भारत में जन्मे और ‘गैर-द्विआधारी’ पहचान रखने वाले मानवशास्त्री क्यू मणिवन्नन स्कॉटलैंड की विकेन्द्रित संसद के लिए निर्वाचित हुए हैं। उन्होंने क्षेत्र में ‘अधिक करुणापूर्ण राजनीति’ की विचारधारा को लेकर चुनाव लड़ा था।

वह खुद की पहचान ‘गैर-द्विआधारी’ (पुरुष एवं महिला की पहचान से अलग) बताते हैं।

स्कॉटलैंड की संसद के नव निर्वाचित सदस्य (एमएसपी) मणिवन्नन ने बृहस्पतिवार को हुए चुनाव में स्वतंत्रता समर्थक ‘स्कॉटिश ग्रीन्स’ की ओर से एडिनबर्ग और लोथियंस ईस्ट सूची में जीत हासिल की।

तमिलनाडु के छात्र रहे मणिवन्नन को एक नियम में बदलाव के परिणामस्वरूप चुनाव लड़ने का अवसर मिला। इस बदलाव के तहत अल्पकालिक वीजा पर रहने वाले और अनिश्चितकालीन निवास की अनुमति (आईएलआर) या स्थायी निवास के बिना भी विदेशी स्कॉटलैंड में चुनाव लड़ने के पात्र हो गए हैं।

स्कॉटिश ग्रीन्स के लिए अपने चुनावी अभियान में मणिवन्नन ने कहा, ‘‘एक ‘क्वीयर’ तमिल प्रवासी के रूप में, मैं होलीरूड में देखभाल और करुणा की राजनीति लाने के लिए और हमारे श्रमिक वर्ग एवं हाशिए पर रहने वाले समुदायों के लिए जरूरी आमूलचूल परिवर्तन के वास्ते लड़ने के लिए एमएसपी बनने के लिए खड़ा हो रहा हूं।’’

‘क्वीयर’ शब्द लैंगिक पहचान और यौन अभिविन्यास से जुड़ा एक व्यापक शब्द है। आम तौर पर इसका प्रयोग उन लोगों के लिए किया जाता है जो केवल पुरुष/महिला या केवल विषमलिंगी जैसी पारंपरिक श्रेणियों तक खुद को सीमित नहीं मानते।

इस सप्ताह ब्रिटेन के सभी हिस्सों में हुए स्थानीय चुनावों में वामपंथी रुझान वाली ग्रीन्स पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया। धुर दक्षिणपंथी ‘रिफॉर्म यूके’ पार्टी ने भी अच्छा प्रदर्शन किया, जबकि सत्तारूढ़ लेबर पार्टी को अपनी सबसे बुरी हार में से एक का सामना करना पड़ा।

भाषा

राजकुमार संतोष

संतोष


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