ईरान और इजराइल ने एक-दूसरे पर हमले किये, पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा
ईरान और इजराइल ने एक-दूसरे पर हमले किये, पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा
दुबई, आठ जून (एपी) इजराइल और ईरान ने एक दूसरे पर सोमवार को हवाई हमले किए। हालांकि अमेरिका के बयान के कुछ घंटों बाद ईरानी सेना ने कहा कि वह हमले रोक रही है। इन हमलों के कारण पश्चिम एशिया में फिर से व्यापक स्तर पर युद्ध छिड़ने का खतरा मंडरा रहा है।
एक क्षेत्रीय अधिकारी के अनुसार अमेरिका ने ईरान से कहा है कि अगर तेहरान मिसाइल हमले रोक देता है तो इजराइल की ओर से और हमले नहीं किये जाएंगे, और यरूशलम फिलहाल हमले रोकने के लिए सहमत हो गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस, और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने टिप्पणी के लिए किये गए अनुरोध पर तत्काल कोई जवाब नहीं दिया।
ईरान पर 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के हमले के बाद शुरु हुए युद्ध ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया। दुनिया भर में तेल और गैस की कीमतें बढ़ गई हैं और खाद्य सामग्री सहित कई जरूरी वस्तुएं महंगी हो गई हैं।
अप्रैल में हुआ युद्धविराम पश्चिम एशिया संघर्ष को स्थायी रूप से समाप्त करने वाले समझौते में तब्दील नहीं हो पाया है।
युद्धविराम के दौरान, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण बनाए रखा है – जो दुनियाभर में तेल और प्राकृतिक गैस की ढुलाई के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है। इसके बंद होने के कारण विश्व में ईंधन की कीमतें आसमान छू गईं।
लेबनान में ईरान के सहयोगी हिज्बुल्ला पर इजराइल के हमले जारी हैं। सोमवार को ईरान के एक अन्य सहयोगी यमन के हूती विद्रोहियों ने इजराइल पर हमले किए और चेतावनी दी कि वे लाल सागर में इजराइल से जुड़े जहाजों को निशाना बनाएंगे।
शांति वार्ता में कोई खास प्रगति न होने, इजराइल और ईरान के बीच हमले जारी रहने और हूती विद्रोहियों के भी लड़ाई में शामिल हो जाने से युद्ध के व्यापक रूप लेने का खतरा कहीं अधिक बढ़ गया है।
ताजा हमलों के मद्देनजर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा, ‘‘इजराइल और ईरान को तुरंत हमले बंद करने चाहिए।’’
कुछ ही समय बाद, ईरानी सेना की संयुक्त कमान ने एक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि यदि इजराइल या उसके सहयोगी दक्षिणी लेबनान समेत किसी भी क्षेत्र में कोई और ‘‘आक्रामक व शत्रुतापूर्ण कार्रवाई’’ करते हैं, तो ‘‘पहले से कहीं अधिक कठोर कदम उठाये जाएंगे।’’
हालांकि, इस बीच राजनयिक युद्धविराम को बरकरार रखने के लिए प्रयासरत हैं।
दो क्षेत्रीय अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि युद्धविराम को बरकरार रखने के लिए समन्वित राजनयिक प्रयास जारी हैं।
मिस्र, सऊदी अरब, तुर्किये, पाकिस्तान और कतर के अधिकारियों ने ट्रंप प्रशासन से आग्रह किया है कि वह ईरान और बेरूत पर हमले रोकने के लिए इजराइल पर दबाव डाले। उन्होंने ईरानी अधिकारियों से भी इजराइल पर हमले रोकने का आग्रह किया है।
ट्रंप ने कहा कि इजराइल और ईरान के बीच युद्धविराम के लिए बातचीत जारी है, हालांकि उन्होंने इस बारे में विस्तार से नहीं बताया।
ईरान ने सोमवार को इजराइल पर सिलसिलेवार हमले किए। वहीं, इजराइल ने भी मध्य और पश्चिमी ईरान पर जवाबी हमले किए। युद्धविराम के बाद, दोनों देशों ने पहली बार एक दूसरे पर हमले किए।
ईरानी सरकारी टेलीविजन ने तेहरान और अन्य शहरों में विस्फोटों की आवाज सुनाई देने की सूचना दी। इजराइली हमले के बाद ईरान ने तेहरान के इमाम खुमैनी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास का हवाई क्षेत्र बंद कर दिया।
अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसियों फ़ार्स और मेहर ने बताया कि इजराइली हमलों में महशहर नगर में एक पेट्रोकेमिकल संयंत्र को निशाना बनाया गया। उन्होंने नुकसान के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।
इजराइली सेना ने संयंत्र पर हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि उसने बैलिस्टिक मिसाइलों के लिए सामग्री उत्पादन करने वाले स्थलों को निशाना बनाया।
इजराइल ने यह भी कहा कि उसने मिसाइल लॉन्चरों को भी निशाना बनाया।
इजराइल ने कहा कि उसने ईरान पर जवाबी हमले किए।
तेहरान ने रविवार को चेतावनी दी थी कि बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर बिना किसी पूर्व सूचना के हुए इजराइली हमले के बाद वह जवाबी कार्रवाई करेगा।
इजराइल के जवाबी हमले के बाद ईरान ने फिर से हमला किया।
मध्य इजराइल में विस्फोट की आवाज सुनी गई। हवाई रक्षा बलों ने ईरानी हमलों को रोकने की कोशिश की। ईरान के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि उसने इजराइल में दो सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
ईरान ने इस तनाव के लिए अमेरिका को दोषी ठहराया।
तेहरान में पत्रकारों से बात करते हुए ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा, ‘‘किसी को भी यह विश्वास नहीं है कि इजराइल सरकार अमेरिका के समन्वय के बिना कोई कार्रवाई करेगी।’’
इजराइल के हमलों पर व्हाइट हाउस ने तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। ट्रंप और नेतन्याहू के बीच तनाव बढ़ता दिख रहा है।
इस बीच, यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सोमवार को इजराइल पर हमले का दावा किया और कहा कि लाल सागर में इजराइल से जुड़े जहाजों को फिर से निशाना बनाया जाएगा।
एपी सुभाष जोहेब
जोहेब

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