ईरान ने नये सिरे से हमले शुरू करते हुए कहा,अमेरिका को बहुत पछताना पड़ेगा
ईरान ने नये सिरे से हमले शुरू करते हुए कहा,अमेरिका को बहुत पछताना पड़ेगा
दुबई, पांच मार्च (एपी) ईरान ने बृहस्पतिवार सुबह इजराइल और अमेरिका के कई अड्डों पर नये सिरे से हमले किए और धमकी दी कि हिंद महासागर में ईरान के एक युद्धपोत को टॉरपीडो के हमला करके डुबोने के लिए अमेरिका को बहुत पछताना पड़ेगा।
ईरान के एक धार्मिक नेता ने ‘‘ट्रंप का खून बहाने’’ का आह्वान किया, वहीं इजराइल ने कहा कि उसने तेहरान पर व्यापक हमला शुरू कर दिया है।
इजराइल ने कई मिसाइल से हमले होने की घोषणा करते हुए तेल अवीव और यरूशलम में सायरन बजाए। ईरान के सरकारी टेलीविजन ने कहा कि हमलों में अमेरिकी अड्डों को भी निशाना बनाया गया।
इजराइली सेना ने कहा कि उसने लेबनान में ईरानियों द्वारा समर्थित हिजबुल्ला चरमपंथी समूह से जुड़े 80 ठिकानों पर पिछले 24 घंटे में हमला किया है। उसने कहा कि ईरान पर हमलों में एक बैलिस्टिक मिसाइल लांच स्थल और अन्य लक्ष्यों को निशाना बनाया गया।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी नौसेना पर हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत आईरिस देना पर हमले के लिए ‘समुद्र क्षेत्र में अत्याचार’ का आरोप लगाया। इस हमले में कम से कम 87 ईरानी मारे गए।
उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, ‘‘मेरी बात लिखकर ले लो। अमेरिका को अपने किए पर ‘बुरी तरह पछताना’ पड़ेगा।’’
ईरानी सरकारी टेलीविजन ने ईरान के अयातुल्ला (धर्मगुरु) अब्दुल्ला जवादी अमोली का संदेश बृहस्पतिवार को प्रसारित किया, जिसमें ‘‘इजराइलियों और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप’’ का खून बहाए जाने का आह्वान किया गया।
अयातुल्ला ने कहा, ‘‘इस दौर के इमाम कहते हैं, दमनकारी अमेरिका से लड़ो, उसके खून का जिम्मा मेरे कंधों पर है।’’
इस हमले की इजराइल द्वारा घोषणा किए जाने से कुछ ही समय पहले उसकी सेना ने कहा कि उसने लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्ला चरमपंथी समूह को निशाना बनाते हुए नए हमले शुरू कर दिए हैं।
अमेरिका और इजराइल ने बुधवार को ईरान के सुरक्षा बलों और प्रशासनिक संस्थानों को निशाना बनाते हुए बमबारी तेज कर दी थी।
ईरान पर हमलों की तीव्रता इतनी भीषण थी कि सरकारी टेलीविजन ने घोषणा की कि संघर्ष की शुरुआत में मारे गए ईरानी सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के लिए आयोजित शोक समारोह को स्थगित करना होगा। अयातुल्ला अली खामेनेई के पूर्ववर्ती अयातुल्ला रुहोल्ला खोमैनी के अंतिम संस्कार में 1989 में लाखों लोग शामिल हुए थे।
अमेरिका और इजराइल ने शनिवार को ईरान के प्रमुख नेतृत्व, मिसाइल भंडार और परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाते हुए युद्ध की शुरुआत की और यह संकेत दिया कि उनका लक्ष्य ईरान में सरकार को गिराना है। सटीक लक्ष्य और समयसीमा में बार-बार बदलाव के कारण इस युद्ध के अनिश्चित काल तक जारी रहने की आशंका है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध के मोर्चे पर ‘‘शानदार प्रदर्शन’’ के लिए बुधवार को अमेरिकी सेना की प्रशंसा की। वहीं, अमेरिकी सीनेट में उनके सहयोगी रिपब्लिकन सांसदों ने ईरान के मुद्दे पर ट्रंप का साथ दिया और युद्ध रोकने की मांग वाले प्रस्ताव को खारिज कर दिया।
संघर्ष बढ़ने के साथ ही ईरान ने बहरीन, कुवैत और इजराइल पर हमले किए। तुर्किये ने कहा कि उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) की रक्षा प्रणाली ने ईरान से दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को तुर्किये के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही रोक दिया।
अधिकारियों के अनुसार, इस युद्ध में ईरान में 1,000 से अधिक, लेबनान में 70 से अधिक और इजराइल में लगभग 12 लोग मारे गए हैं। युद्ध ने दुनिया भर में तेल और गैस की आपूर्ति को बाधित कर दिया है, अंतरराष्ट्रीय नौवहन बाधित हुआ है जबकि पश्चिम एशिया में लाखों यात्री फंसे हुए हैं।
ईरान के अर्द्धसैनिक ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ द्वारा ‘‘क्षेत्र के सैन्य और आर्थिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने’’ की धमकी के बाद पड़ोसी देश बृहस्पतिवार को संभावित खतरों को लेकर सतर्क हैं।
कतर के गृह मंत्रालय ने कहा कि अधिकारी दोहा में अमेरिकी दूतावास के पास रहने वाले निवासियों को एहतियात के तौर पर निकाल रहे हैं, हालांकि उन्होंने इस बारे में और अधिक जानकारी नहीं दी।
संयुक्त अरब अमीरात के दुबई शहर में बृहस्पतिवार सुबह लड़ाकू विमानों की आवाज सुनी गई जबकि कुवैत के तट पर हुए एक नए हमले से वाणिज्यिक जहाजों को खतरे की आशंका बढ़ गई है।
ब्रिटेन की सेना द्वारा संचालित ‘यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर’ के अनुसार, बृहस्पतिवार तड़के इलाके में एक धमाका हुआ। केंद्र ने बताया कि एक टैंकर पर हमला हुआ था लेकिन उन्होंने हमले का कारण नहीं बताया। ईरान पूर्व में जहाजों पर लिम्पेट माइंस लगाकर हमला कर चुका है।
ईरान के हमलों के कारण ओमान और होर्मूज जलडमरूमध्य से यातायात बाधित होने से तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है और इसके कारण वैश्विक शेयर बाजारों में भारी गिरावट आई है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि मंगलवार रात हिंद महासागर में एक अमेरिकी पनडुब्बी से दागे गए टॉरपीडो ने एक ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया।
श्रीलंका के अधिकारियों ने बताया कि जहाज से 32 लोगों को बचाया गया, जबकि देश की नौसेना ने कहा कि उसने 87 शव बरामद किए हैं।
इजराइल ने कहा कि इजराइली सेना ने ईरान के आंतरिक सुरक्षा कमान से जुड़े भवनों पर भी हमला किया। इजराइल और अमेरिका का कहना है कि वे ईरान में सत्ता परिवर्तन चाहते हैं।
हेगसेथ ने अमेरिकी अभियानों के लिए कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई। उन्होंने कहा, ‘‘आप कह सकते हैं कि यह चार हफ्ते भी रह सकता है और छह हफ्ते तक भी जारी रह सकता है। या फिर इसमें आठ हफ्ते भी लग सकते हैं या फिर तीन हफ्ते लग सकते हैं।’’
ईरान के फाउंडेशन ऑफ मार्टियर्स एंड वेटरंस अफेयस ने बुधवार को बताया कि ईरान में कम से कम 1,045 लोग मारे गए हैं। इजराइल में 11 लोगों की मौत हुई है जबकि छह अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं।
लेबनान में मरने वालों की संख्या 70 से अधिक हो गई है, जहां स्वास्थ्य मंत्रालय और सरकारी समाचार एजेंसी ने बुधवार और बृहस्पतिवार को अलग-अलग राजमार्गों पर यात्रा कर रहे दो वाहनों पर हुए अलग-अलग हमलों की सूचना दी थी, जिसमें छह लोग मारे गए थे।
एपी
वैभव संतोष
संतोष

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