ईरान ने अपने द्वीप पर अमेरिकी बमबारी के बाद जवाबी हमले किए

ईरान ने अपने द्वीप पर अमेरिकी बमबारी के बाद जवाबी हमले किए

ईरान ने अपने द्वीप पर अमेरिकी बमबारी के बाद जवाबी हमले किए
Modified Date: March 14, 2026 / 09:13 pm IST
Published Date: March 14, 2026 9:13 pm IST

दुबई, 14 मार्च (एपी) पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच शनिवार को इराक की राजधानी बगदाद में अमेरिकी दूतावास परिसर के अंदर एक हेलीपैड पर मिसाइल से हमला हुआ जबकि संयुक्त अरब अमीरात में ईरान की रोकी गई मिसाइल का मलबा तेल संयंत्र पर गिर गया।

एसोसिएटेड प्रेस की तस्वीरों में बगदाद में स्थित अमेरिकी दूतावास से धुआं उठता दिखा। इसके अलावा यूएई में फुजैरा बंदरगाह में आग लगती हुई दिखी है, जहां अधिकारियों के अनुसार एक ड्रोन को मार गिराया गया है।

इससे एक दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका ने ईरान के तेल नेटवर्क के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाले एक द्वीप पर सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया है।

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने होर्मूज जलडमरूमध्य के रास्ते जहाजों को जाने की अनुमति नहीं दी तो उसके तेल प्रतिष्ठान अगला निशाना होंगे।

ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी बलों ने शुक्रवार को ईरान के खार्ग द्वीप पर स्थित लक्ष्यों को “पूरी तरह नष्ट ” कर दिया। ट्रंप ने कहा कि यह द्वीप देश के तेल निर्यात के लिए प्राथमिक टर्मिनल है और इसका सैन्य इस्तेमाल होता है।

ईरानी संसद के अध्यक्ष ने पहले चेतावनी दी थी कि इस तरह के हमलों से एक नए स्तर की प्रतिशोधी कार्रवाई शुरू हो सकती है।

इस बीच एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि ईरान के साथ युद्ध के लगभग दो सप्ताह बाद पश्चिम एशिया में 2,500 और मरीन एवं एक युद्धपोत भेजा जा रहा है।

ईरान इजराइल और पड़ोसी खाड़ी देशों को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रखे हुए है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है, जहां से दुनियाभर में 20 प्रतिशत तेल की आपूर्ति होती है। वहीं, अमेरिकी और इजराइली युद्धक विमान समूचे ईरान में सैन्य और अन्य लक्ष्यों पर बमबारी कर रहे हैं।

इस बीच लेबनान में मानवीय संकट और गहरा हो गया है। लेबनान में हमले में लगभग 800 लोग मारे गए हैं और 850,000 लोग विस्थापित हुए हैं क्योंकि इजराइल ने ईरान समर्थित हिजबुल्ला चरमपंथियों के खिलाफ हमले शुरू किए हैं और चेतावनी दी है कि कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

पश्चिम एशिया में तैनात अमेरिकी सैनिकों की कुल संख्या स्पष्ट नहीं है, लेकिन कतर में स्थित अल-उदैद वायु सेना अड्डे पर ही आमतौर पर लगभग 8,000 अमेरिकी सैनिक तैनात रहते हैं। यह क्षेत्र के सबसे बड़े वायु अड्डों में से एक है।

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि फारस की खाड़ी में स्थित खार्ग द्वीप पर अमेरिकी हमले में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया, लेकिन फिलहाल उसके तेल बुनियादी ढांचे को नुकसान नहीं पहुंचाया गया है। लेकिन ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान या कोई और देश होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के आवागमन में बाधा डालता है, तो वह तेल बुनियादी ढांचे को नष्ट न करने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करेंगे।

ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर कालीबाफ ने बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में चेतावनी दी कि ईरान की दक्षिणी समुद्री सीमा पर स्थित द्वीपों पर अगर हमले हुए तो ईरान ‘‘संयम नहीं बरतेगा’’। उन्होंने इस बात का जिक्र किया कि ये द्वीप देश की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं।

शनिवार को, ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने अपनी इस धमकी को दोहराया कि यदि इस्लामी गणराज्य के तेल ढांचे पर हमला हुआ तो वह क्षेत्र में अमेरिका से जुड़े तेल और ऊर्जा संयंत्रों पर हमला करेगा।

खातम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता इब्राहिम जुल्फिकारी ने चेतावनी दी कि वे ‘‘क्षेत्र में उन सभी तेल, आर्थिक और ऊर्जा अवसंरचनाओं को निशाना बनाएंगे जो अमेरिकी हिस्सेदारी वाली या अमेरिका के साथ सहयोग करने वाली तेल कंपनियों से संबंधित हैं।’’

ईरान की समाचार एजेंसी ‘फार्स’ ने शनिवार को कहा कि अमेरिकी हमलों से द्वीप पर तेल अवसंरचना को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।

समाचार एजेंसी ने बताया कि हमलों के बाद कम से कम 15 विस्फोट हुए, जिनमें एक वायु रक्षा केंद्र, एक नौसैनिक अड्डा, हवाई अड्डे का नियंत्रण टावर और एक अपतटीय तेल कंपनी का हेलीकॉप्टर हैंगर शामिल था।

इराक की राजधानी बगदाद में अमेरिकी दूतावास परिसर के भीतर एक हेलीपैड पर मिसाइल से हमला हुआ। इराक के सुरक्षा अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

एसोसिएटेड प्रेस (एपी) के पास मौजूद फुटेज में शनिवार सुबह दूतावास परिसर के ऊपर धुएं का गुबार उठता दिखाई दे रहा है।

यह विशाल दूतावास परिसर पहले भी कई बार ईरान समर्थित ‘मिलिशिया’ द्वारा दागे गए रॉकेट और ड्रोन का निशाना बना है।

बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास की ओर से इस संबंध में तत्काल कोई टिप्पणी नहीं आई।

दूतावास ने शुक्रवार को इराक के लिए स्तर-चार सुरक्षा चेतावनी फिर से जारी करते हुए कहा था कि ईरान तथा ईरान समर्थित मिलिशिया समूह पहले भी अमेरिकी नागरिकों, हितों और बुनियादी ढांचे पर हमले कर चुके हैं और वे ‘‘उन्हें निशाना बनाना जारी रख सकते हैं।’’

इससे पहले इजराइल ने ईरान में बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हुए और हमले करने की घोषणा की और कहा कि उसकी वायुसेना ने पिछले 24 घंटों में 200 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया है।

एपी जोहेब माधव

माधव


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