परमाणु और मिसाइल क्षमताओं की रक्षा करेगा ईरान : मुजतबा खामेनेई

परमाणु और मिसाइल क्षमताओं की रक्षा करेगा ईरान : मुजतबा खामेनेई

परमाणु और मिसाइल क्षमताओं की रक्षा करेगा ईरान : मुजतबा खामेनेई
Modified Date: April 30, 2026 / 06:33 pm IST
Published Date: April 30, 2026 6:33 pm IST

दुबई, 30 अप्रैल (एपी) ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई ने बृहस्पतिवार को कहा कि इस्लामिक गणराज्य अपनी “परमाणु और मिसाइल क्षमताओं” को राष्ट्रीय संपत्ति के रूप में संरक्षित रखेगा।

उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप युद्धविराम को स्थायी बनाने के लिए व्यापक समझौते की कोशिश कर रहे हैं।

सरकारी टेलीविजन पर पढ़े गए लिखित बयान में खामेनेई ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि फारस की खाड़ी में अमेरिकियों की जगह केवल “इसके पानी की तह में” है और क्षेत्र के इतिहास में “नया अध्याय” लिखा जा रहा है।

इस बीच, अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी के कारण ईरान के तेल उद्योग पर दबाव बढ़ गया है, जिससे उसके तेल टैंकर समुद्र में नहीं जा पा रहे हैं।

वहीं, ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण बनाए रखने के कारण जून आपूर्ति के लिए बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड (कच्चा तेल) की कीमत बृहस्पतिवार के कारोबार में 126 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। यह जलडमरूमध्य वैश्विक कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के लगभग पांचवें हिस्से के व्यापार का प्रमुख मार्ग है।

इन परिस्थितियों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया है और अमेरिका के लिए भी चुनौती खड़ी कर दी है।

खामेनेई ने एक बयान में कहा, ‘‘ईश्वर की मदद से फारस की खाड़ी क्षेत्र का भविष्य अमेरिका के बिना होगा। एक ऐसा भविष्य जो यहां के लोगों की प्रगति और समृद्धि के लिए होगा।’’

उन्होंने कहा कि फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी से जुड़े देशों का साझा भविष्य है और बाहरी शक्तियों का यहां कोई स्थान नहीं है।

युद्धविराम के बीच बढ़ा तनाव—

युद्धविराम को लेकर संशय की स्थिति के बीच अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर टकराव जारी है। अमेरिकी नाकेबंदी का उद्देश्य ईरान की तेल बिक्री को रोकना है, जिससे उसकी आय प्रभावित हो सके।

वहीं, होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से तेल और गैस की कीमतों में वृद्धि हुई है, जिससे अमेरिका और उसके खाड़ी सहयोगियों पर दबाव बढ़ा है।

ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम पर वार्ता को टालने का प्रस्ताव भी दिया है। हालांकि, अमेरिका का कहना है कि वह ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना चाहता है।

ईरान लंबे समय से यह दावा करता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है, हालांकि उसने लगभग 60 प्रतिशत तक हथियार-स्तरीय यूरेनियम का संवर्धन किया है।

मुजतबा खामेनेई ने बयान में कहा, ‘‘देश के अंदर और बाहर रहने वाले नौ करोड़ गौरवान्वित और सम्मानित ईरानी, ​​ईरान की पहचान पर आधारित सभी आध्यात्मिक, मानवीय, वैज्ञानिक, औद्योगिक और तकनीकी क्षमताओं को – नैनो तकनीक तथा जैव प्रौद्योगिकी से लेकर परमाणु और मिसाइल क्षमताओं तक- राष्ट्रीय संपत्ति मानते हैं। ’’

एपी रवि कांत रवि कांत वैभव

वैभव


लेखक के बारे में