ईरान के विदेश मंत्री ने पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की, क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा की

ईरान के विदेश मंत्री ने पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की, क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा की

ईरान के विदेश मंत्री ने पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की, क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा की
Modified Date: April 25, 2026 / 08:42 pm IST
Published Date: April 25, 2026 8:42 pm IST

(सज्जाद हुसैन और एम जुल्करनैन)

इस्लामाबाद, 25 अप्रैल (भाषा) ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शनिवार को पाकिस्तान के शीर्ष असैन्य और सैन्य नेतृत्व से मुलाकात की और क्षेत्रीय स्थिति तथा अमेरिका के साथ शांति वार्ता को लेकर चर्चा की।

इस सप्ताह हालांकि अमेरिका-ईरान वार्ता के दूसरे दौर की संभावना कम होती नजर आ रही है।

शुक्रवार को इस्लामाबाद पहुंचे अराघची ने शनिवार को इस्लामाबाद में पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से मुलाकात की।

पाकिस्तान में ईरानी दूतावास ने ‘एक्स’ पर यह जानकारी दी। लेकिन उसने वार्ता के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।

ईरानी दूतावास द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो के अनुसार, बैठक में ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम ग़रीबाबादी, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई और ईरान के राजदूत रजा अमीरी मोघदम भी उपस्थित थे।

पाकिस्तानी पक्ष की ओर से गृह मंत्री मोहसिन नकवी और अन्य अधिकारी भी शामिल हुए।

सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘अराघची ने मुनीर से औपचारिक मुलाकात की और अमेरिका के साथ शांति वार्ता से संबंधित मामलों पर चर्चा की।’’

ईरानी दूतावास ने कहा कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने बाद में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की और दोनों पक्षों ने ‘‘द्विपक्षीय मामलों के साथ-साथ क्षेत्रीय घटनाक्रम की समीक्षा की।’’

प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि इस बैठक में पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री इसहाक डार और मुनीर भी मौजूद थे, जहां दोनों पक्षों ने क्षेत्र की स्थिति पर चर्चा की।

पाकिस्तान के एक अधिकारी ने बताया कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल अमेरिकी दूतों के वार्ता के लिए आने का इंतजार किए बिना ही रवाना हो सकता है। इस तरह, उन्होंने इस सप्ताह ईरान और अमेरिका के बीच किसी भी सीधी बातचीत की संभावना को खारिज कर दिया।

अधिकारी ने कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि अराघची ने पाकिस्तान को ईरान की ‘कुछ चिंताओं’ से अवगत कराया है, जिन्हें इस्लामाबाद अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के आगमन पर उनके साथ साझा करेगा। यदि अमेरिका इन चिंताओं को दूर करने और कुछ समझदारी दिखाने के लिए सहमत होता है, तो बाद में इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत का दूसरा दौर होगा।’’

इस बात को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है कि इस यात्रा के दौरान अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत होगी या नहीं।

इससे पहले दिन में, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बगाई ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच ‘‘कोई बैठक’’ आयोजित करने की योजना नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘ईरान का पक्ष पाकिस्तान को बता दिया जाएगा।’’

अराघची ने शुक्रवार को इस्लामाबाद रवाना होने से पहले कहा था कि वह इस्लामाबाद, मस्कट और मॉस्को के दौरे पर निकल रहे हैं और उनकी यात्राओं का उद्देश्य ‘‘द्विपक्षीय मामलों पर हमारे भागीदारों के साथ घनिष्ठ समन्वय करना और क्षेत्रीय घटनाक्रम पर चर्चा करना’’ है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पड़ोसी हमारी प्राथमिकता हैं।’’

इस बीच व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा था कि पश्चिम एशिया के लिए अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सलाहकार जेरेड कुशनर ईरानी प्रतिनिधिमंडल के प्रतिनिधियों के साथ ‘‘सीधी बातचीत करने’’ के लिए शनिवार को पाकिस्तान के लिए रवाना होंगे।

अमेरिकी टीम हालांकि अभी तक नहीं पहुंची है।

पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री इसहाक डार ने कहा कि पाकिस्तान ईरान-अमेरिका वार्ता में सहयोग कर रहा है और क्षेत्र में शांति तथा स्थिरता का माहौल कायम करने के लिए प्रयास करता रहेगा।

विदेश कार्यालय (एफओ) द्वारा जारी एक बयान के अनुसार उपप्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री डार ने क्षेत्र में नवीनतम घटनाक्रम की समीक्षा करने के लिए विदेश मंत्रालय में एक बैठक की।

उन्होंने इस बात को दोहराया कि पाकिस्तान क्षेत्र में शांति और स्थिरता का माहौल कायम करने के लिए ईरान-अमेरिका वार्ता में सहयोग कर रहा है और पाकिस्तान इस संबंध में अपने प्रयास जारी रखेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘बयान चाहे प्रिंट मीडिया में उद्धृत किए गए हों या सोशल मीडिया पर, अज्ञात पाकिस्तानी अधिकारियों या सूत्रों के बयान पाकिस्तान के आधिकारिक रुख को नहीं दर्शाते हैं।’’

डार ने प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को अटकलबाजी वाली रिपोर्टिंग से बचने और केवल आधिकारिक बयानों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह भी दी।

डार ने तुर्किये के विदेश मंत्री हकान फिदान से भी बात की और पाकिस्तान द्वारा किए जा रहे राजनयिक प्रयासों के संबंध में उन्हें नवीनतम जानकारी साझा की।

विदेश कार्यालय के अनुसार, ‘‘उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संवाद और कूटनीति के माध्यम से निरंतर जुड़ाव ही इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने का एकमात्र व्यवहार्य उपाय है।’’

इसके अलावा, डार ने शुक्रवार देर रात मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलती से बात की और दोनों नेताओं ने पाकिस्तान द्वारा सुगम बनाए जा रहे राजनयिक प्रयासों पर चर्चा की और संवाद और कूटनीति के महत्व पर जोर दिया।

गत 11 और 12 अप्रैल को आयोजित अमेरिका-ईरान वार्ता के पहले दौर में कोई नतीजा नहीं निकल सका था।

ट्रंप ने मंगलवार को ईरान के साथ दो सप्ताह के युद्धविराम को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया था, ताकि तेहरान को युद्ध समाप्त करने के लिए एक एकीकृत प्रस्ताव तैयार करने के लिए और समय मिल सके। यह कदम युद्धविराम की समाप्ति से कुछ ही घंटे पहले उठाया गया था।

इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता के एक और दौर की संभावना के मद्देनजर, पाकिस्तान की राजधानी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

इस्लामाबाद की ओर जाने वाली मुख्य सड़कों को बंद कर दिया गया है तथा उस ‘रेड जोन’ को कड़े सुरक्षा घेरे में रखा गया है जहां प्रमुख सरकारी भवन एवं राजनयिक मिशन स्थित हैं।

पास के वाणिज्यिक क्षेत्र ‘ब्लू एरिया’ में बाजार सुनसान हैं, कैफे में आपूर्ति कम हो रही है और बस अड्डों की सेवाएं बंद होने के कारण सार्वजनिक परिवहन बाधित है जिससे यात्रियों को परेशानी हो रही है।

हाल के सप्ताहों में यह दूसरा ‘लॉकडाउन’ है। अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडलों के बीच वार्ता के लिए इस्लामाबाद में पहले 11 अप्रैल को ‘लॉकडाउन’ किया गया था। वह वार्ता कोई समझौता हुए बिना समाप्त हो गई थी। इसके बाद शहर कुछ समय के लिए खुला, लेकिन पाकिस्तान द्वारा एक और दौर की बातचीत की मेजबानी की तैयारियां किए जाने के बीच पाबंदियां फिर लागू कर दी गईं। हालांकि, वार्ता को लेकर अब भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

ईरान पर 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल के हमलों के बाद यह युद्ध शुरू हुआ था।

भाषा

देवेंद्र माधव

माधव


लेखक के बारे में