ईरान के परमाणु अवशेष को अमेरिका या आईएईए की देखरेख में अन्य स्थान पर नष्ट किया जा सकता है: ट्रंप
ईरान के परमाणु अवशेष को अमेरिका या आईएईए की देखरेख में अन्य स्थान पर नष्ट किया जा सकता है: ट्रंप
(सागर कुलकर्णी)
वाशिंगटन, 26 मई (भाषा) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के संवर्धित यूरेनियम को अमेरिका में परिवर्तित और नष्ट किया जा सकता है लेकिन उनकी प्राथमिकता इसे अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की देखरेख में ‘‘उसी स्थान पर’’ या ‘‘किसी अन्य स्वीकार्य स्थान’’ पर नष्ट करना है।
ट्रंप की यह टिप्पणी उनके पहले के उन बयानों के उलट है जिनमें वह बार-बार कहते रहे थे कि किसी भी संभावित समझौते की मुख्य शर्त यह होगी कि ईरान अपना संवर्धित यूरेनियम अमेरिका को सौंप दे।
उन्होंने ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘समृद्ध यूरेनियम (परमाणु अवशेष!) को या तो तुरंत अमेरिका को सौंप दिया जाएगा ताकि इसे वापस लाकर नष्ट किया जा सके या संभवतः इस्लामी गणराज्य ईरान के साथ मिलकर और समन्वय में परमाणु ऊर्जा आयोग अथवा उसके समकक्ष संस्था की उपस्थिति में उसी स्थान पर या फिर किसी अन्य स्वीकार्य स्थान पर नष्ट कर दिया जाएगा।’’
ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए बातचीत ‘‘बेहतर’’ तरीके से आगे बढ़ रही है और उन्होंने शांति वार्ता में शामिल देशों से अब्राहम समझौते पर हस्ताक्षर करने का आग्रह किया जो इजराइल और अरब देशों के बीच राजनयिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंध स्थापित करने से संबंधित है।
उन्होंने कहा कि ईरान का इस समझौते पर हस्ताक्षर करना सम्मान की बात होगी।
ट्रंप ने कहा, ‘‘अमेरिका द्वारा इस बेहद जटिल पहेली को सुलझाने के लिए किए गए सभी प्रयासों के बाद यह अनिवार्य होना चाहिए कि ये सभी देश कम से कम एक साथ अब्राहम समझौते पर हस्ताक्षर करें।’’
उन्होंने यह भी कहा कि अगर एक या दो देशों के पास ऐसा न करने का कोई कारण हो तो इसे स्वीकार किया जा सकता है।
वार्ताकारों में शामिल संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और बहरीन पहले से ही समझौते के सदस्य हैं और ट्रंप को उम्मीद है कि सऊदी अरब, कतर, पाकिस्तान, तुर्किये, मिस्र और जॉर्डन भी इस पर हस्ताक्षर करेंगे।
भाषा
सुरभि रंजन
रंजन

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