जयशंकर भारत-रूस व्यापार और संपर्क व्यवस्था पर केंद्रित सम्मेलन को संबोधित करेंगे

जयशंकर भारत-रूस व्यापार और संपर्क व्यवस्था पर केंद्रित सम्मेलन को संबोधित करेंगे

जयशंकर भारत-रूस व्यापार और संपर्क व्यवस्था पर केंद्रित सम्मेलन को संबोधित करेंगे
Modified Date: March 22, 2026 / 09:11 pm IST
Published Date: March 22, 2026 9:11 pm IST

(विनय शुक्ला)

मॉस्को, 22 मार्च (भाषा) विदेश मंत्री एस जयशंकर और रूस के उनके समकक्ष सर्गेई लावरोव सोमवार को डिजिटल तरीके से एक सम्मेलन को संबोधित करेंगे, जिसमें दोनों पक्षों के विशेषज्ञ खाड़ी क्षेत्र में तनाव के बीच उत्पन्न अस्थिर परिस्थितियों से निपटने के तरीकों पर विचार-विमर्श करेंगे।

मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास और रूसी अंतरराष्ट्रीय मामलों की परिषद (आरआईएसी) द्वारा आयोजित एक दिवसीय सम्मेलन खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष के अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे (आईएनएसटीसी) पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

ईरान का बंदर अंजली बंदरगाह मुंबई और सेंट पीटर्सबर्ग के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करने वाले गलियारे पर स्थित प्रमुख बंदरगाह है। यह स्वेज नहर को दरकिनार करते हुए एशिया और यूरोप के बीच व्यापार को बढ़ावा देता है। इस बंदरगाह को 18 मार्च को अमेरिका-इजराइल द्वारा किए गए मिसाइल हमले में नुकसान पहुंचा था।

भारत और रूस दोनों ने इस गलियारे पर अपनी उम्मीदें टिका रखी हैं कि इससे द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने में मदद मिलेगी, जैसा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दिसंबर में नयी दिल्ली में हुए शिखर सम्मेलन में सहमति जताई थी।

‘रूस और भारत: द्विपक्षीय संबंधों के लिए एक नए एजेंडे की ओर’ सम्मेलन दोनों रणनीतिक साझेदारों के बीच राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ाने के लिए एक रोडमैप तैयार करने का दूसरा प्रयास है।

आरआईएसी ने कहा कि जयशंकर और लावरोव इस सम्मेलन को डिजिटल माध्यम से संबोधित करेंगे।

भाषा आशीष नरेश

नरेश


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