जयशंकर ने महत्वपूर्ण खनिजों के अत्यधिक संकेंद्रण से जुड़ी चुनौतियों को रेखांकित किया
जयशंकर ने महत्वपूर्ण खनिजों के अत्यधिक संकेंद्रण से जुड़ी चुनौतियों को रेखांकित किया
(योषिता सिंह)
न्यूयॉर्क/वाशिंगटन, चार फरवरी (भाषा) विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने महत्वपूर्ण खनिजों का कुछ ही जगहों पर ‘अत्यधिक संक्रेंद्रण’ होने से संबंधित चुनौतियों का उल्लेख करते हुए बुधवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से आपूर्ति श्रृंखलाओं के समक्ष जोखिम को कम करना जरूरी है।
वाशिंगटन डीसी में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा आयोजित पहले ‘क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल’ सम्मेलन को संबोधित करते हुए जयशंकर ने महत्वपूर्ण खनिजों से जुड़ी ‘फोर्ज’ नामक पहल के प्रति भारत के समर्थन की भी जानकारी दी।
जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “आज वाशिंगटन डीसी में ‘क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल सम्मेलन’ को संबोधित किया। अत्यधिक संकेंद्रण से जुड़ी चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से आपूर्ति शृंखलाओं के जोखिम को कम करने के महत्व को रेखांकित किया।”
उन्होंने अपने संबोधन में राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन समेत पहलों के जरिए अधिक लचीलापन हासिल करने की दिशा में भारत के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला।
मंत्रिस्तरीय सम्मेलन शुरू होने से पहले जयशंकर ने कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद और सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालकृष्णन समेत कई नेताओं से मुलाकात की।
उन्होंने नीदरलैंड्स, इटली, मलेशिया, बहरीन, मंगोलिया, पोलैंड, रोमानिया, इजराइल और उज्बेकिस्तान के अपने समकक्षों से भी बातचीत की।
भाषा जोहेब संतोष
संतोष

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